
खामेनेई की रक्षा में इराक शिया मिलिशिया तैनात (सोर्स- सोशल मीडिया)
Axis of Resistance active in Iran: ईरान में दिसंबर से महंगाई के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन अब व्यापक आंदोलन में बदल गए हैं, जिसमें लोग खुलकर इस्लामिक शासन और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों पूरे ईरान में सरकार के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसे दबाने के लिए शासन ने कड़ा कदम उठाया है, जिससे बड़ी संख्या में मौतें और गिरफ्तारियां हुई हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 2,600 से अधिक लोग मारे गए और 20,000 से अधिक गिरफ्तार किए गए हैं। मौतों की संख्या कुछ ही दिनों में तेजी से बढ़ी सोमवार तक लगभग 600, मंगलवार को 2,200 पार और बुधवार को 2,600 से अधिक। हालांकि, लंदन स्थित ईरान इंटरनेशनल और अमेरिकी CBS न्यूज़ के सूत्रों के अनुसार वास्तविक आंकड़ा कहीं अधिक हो सकता है, 12,000 से 20,000 के बीच।
इस हिंसा की अचानक वृद्धि के पीछे कुछ रिपोर्टों में इराकी शिया मिलिशियाओं की भूमिका बताई गई है, जो ईरान में प्रवेश कर प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार बढ़ा रही हैं। कुर्द मानवाधिकार समूह हेंगाओ ने बताया कि कुछ सरकारी बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने से इनकार किया, लेकिन बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
ईरानी विपक्षी नेता मेहदी रजा ने बताया कि इराकी मिलिशियाओं को सरकारी मुख्यालयों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। 12 जनवरी को पत्रकार नेजात बहरामी ने एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें हिजबुल्लाह और पुराने सीरियाई झंडों के साथ भीड़ दिख रही थी। बहरामी का दावा है कि इसमें हिजबुल्लाह और हशद अल-शाबी के सदस्य शामिल थे, जो खामेनेई की मदद के लिए ईरान आए।
विश्लेषकों का मानना है कि इन मिलिशियाओं की तैनाती के कारण मृतकों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई। खामेनेई ने “एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस” सक्रिय किया है, जिसमें कताइब हिजबुल्लाह, हरकत हिजबुल्लाह, बदर और कताइब सैयद अल-शुहदा जैसे समूह शामिल हैं।
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अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है, मानवाधिकार उल्लंघनों और हिंसा के बढ़ते खतरे को लेकर चिंता जताई जा रही है। ईरान में तेजी से बढ़ती मौतों और विदेशी मिलिशियाओं की मौजूदगी ने संकट को और जटिल बना दिया है।






