UAE पहुंचे ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Keir Starmer UAE Visit Iran War Talks: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और ईरान के साथ अनिश्चित युद्धविराम की स्थिति के बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर गुरुवार सुबह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचे। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच हुआ संघर्ष विराम दबाव में नजर आ रहा है। अबू धाबी के हवाई अड्डे पर कार्यकारी मामलों के प्राधिकरण के अध्यक्ष खलदून अल मुबारक ने प्रधानमंत्री स्टार्मर का गर्मजोशी से स्वागत किया।
अपनी इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री स्टार्मर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ उच्च स्तरीय वार्ता करेंगे। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य न केवल युद्धविराम को बनाए रखना है बल्कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के माध्यम से वैश्विक शिपिंग और व्यापार को फिर से शुरू करने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा करना भी है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और वर्तमान संघर्ष के कारण यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
यूएई आने से पहले कीर स्टार्मर बुधवार को सऊदी अरब के जेद्दा में थे जहां उन्होंने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की आवश्यकता पर जोर दिया और जहाजों को सुरक्षित पारगमन का विश्वास दिलाने के लिए व्यावहारिक कदमों पर चर्चा की।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने सऊदी अरब को एक अटूट सहयोगी बताते हुए ‘स्काई सैबर’ (Sky Sabre) वायु रक्षा प्रणाली की तैनाती के माध्यम से देश की सुरक्षा के प्रति ब्रिटेन की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
दूसरी ओर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान के साथ होने वाले किसी भी समझौते पर कड़ा रुख अपनाया है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह इस बात पर ‘स्पष्टीकरण’ चाहता है कि भविष्य में ईरान के हमलों को रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से खोलने की क्या गारंटी है। यूएई ने ईरान द्वारा किए गए नुकसान के लिए उसे पूरी तरह जवाबदेह ठहराने और क्षतिपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
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यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार डॉ. अनवर गर्गाश ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए अब स्पष्टवादिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ईरान के ‘पूर्व नियोजित आक्रमण’ के बाद शिष्टाचार का युग बीत चुका है और भविष्य की सुरक्षा के लिए सामूहिक रुख स्पष्ट होना चाहिए। प्रधानमंत्री स्टार्मर की यह यात्रा खाड़ी क्षेत्र में शांति बहाली और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कूटनीतिक प्रयास मानी जा रही है।