एस. जयशंकर ने किया राष्ट्रपति ली का भव्य स्वागत, कहा- द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने का संकल्प सराहनीय
Jaishankar Welcomes President Lee: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग भारत आ चुके है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के बाद अब प्रधानमंत्री मोदी के साथ अब वह पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे।
- Written By: अमन उपाध्याय
एस जयशंकर और राष्ट्रपति ली, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Jaishankar Welcomes President Lee South Korea Relations: भारत और कोरिया गणराज्य के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा देने के उद्देश्य से दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग अपनी राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे हैं। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के साथ अपनी मुलाकात को बेहद महत्वपूर्ण बताया और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
विदेश मंत्री और राष्ट्रपति ली की महत्वपूर्ण मुलाकात
यात्रा की शुरुआत में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह राष्ट्रपति ली का स्वागत कर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने भारत-कोरिया संबंधों को और गहरा करने के राष्ट्रपति के संकल्प की सराहना की और विश्वास व्यक्त किया कि यह दौरा दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक हितों को नई मजबूती प्रदान करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ शिखर वार्ता पर टिकी निगाहें
राष्ट्रपति ली जे-म्युंग सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। यह पिछले 10 महीनों के भीतर दोनों नेताओं के बीच होने वाली तीसरी आमने-सामने की मुलाकात होगी। इससे पहले पिछले साल जी7 और जी20 शिखर सम्मेलनों के दौरान भी दोनों नेताओं के बीच सार्थक संवाद हुआ था। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक न केवल रक्षा और सुरक्षा, बल्कि आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में भी सहयोग के नए द्वार खोलेगी।
सम्बंधित ख़बरें
OCI कार्ड से लेकर छात्रवृत्ति तक… उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन की यात्रा से श्रीलंका में निवेश की नई राहें खुली
नूर खान एयरबेस पर उतरे दो अमेरिकी कार्गो विमान, आखिर इस्लामाबाद में क्यों लगा ‘लॉकडाउन’? जानें पूरा मामला
चीखों और लपटों के बीच खत्म हुआ बसेरा, मलेशिया के वॉटर विलेज में 1000 घर जलकर राख; हजारों लोग हुए बेघर
सोमवार को इस्लामाबाद पहुंचेगी US टीम, क्या इस बार वार्ता में शामिल नहीं होंगे जेडी वेंस; जानें ट्रंप का प्लान
Delhi: President Lee Jae-myung of the Republic of Korea met with EAM S. Jaishankar pic.twitter.com/bN0DIkb16m — IANS (@ians_india) April 19, 2026
तकनीकी साझेदारी का विस्तार
पिछले कुछ महीनों में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच औद्योगिक जुड़ाव में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में दोनों देश निरंतर एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। नवंबर 2025 में भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शिपबिल्डिंग क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा के लिए दक्षिण कोरिया का दौरा किया था। इसके बाद, फरवरी 2026 में दक्षिण कोरिया के विज्ञान और आईसीटी मंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे भविष्य के विषयों पर संवाद के लिए भारत का रुख किया। मार्च 2026 में दोनों देशों के व्यापार मंत्रियों के बीच हुई मुलाकात ने वाणिज्यिक संबंधों को और विस्तार दिया है।
यह भी पढ़ें:- नूर खान एयरबेस पर उतरे दो अमेरिकी कार्गो विमान, आखिर इस्लामाबाद में क्यों लगा ‘लॉकडाउन’? जानें पूरा मामला
सॉफ्ट पावर और शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल
दोनों देशों के बीच संबंध केवल व्यापार और राजनीति तक सीमित नहीं हैं बल्कि ‘सॉफ्ट पावर’ और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। जनवरी 2026 में दिल्ली में एक ‘कोरियन एजुकेशन सेंटर’ खोला गया है जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा में सहयोग बढ़ाना और कोरियाई भाषा की शिक्षा को बढ़ावा देना है। यह केंद्र भारतीय छात्रों को आकर्षित करने और विदेश में रहने वाले कोरियाई लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में कार्य कर रहा है। भारत दौरे के बाद राष्ट्रपति ली जे-म्युंग अपने दो देशों के दौरे के अगले चरण में वियतनाम के लिए रवाना होंगे।
