सांकेतिक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Isarel Attack on Iran: इजरायल ने शनिवार सुबह ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला कर दिया। इस भयावह हमले में दक्षिणी ईरान में 51 छात्राओं समेत कुल 54 लोगों की मौत हो गई है। इस अटैक में 45 से ज्यादा छात्राएं घायल भी बताई जा रही हैं।
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (इरना) ने भी इन मौतों की पुष्टि की है। न्यूज एजेंसी ने बताया कि ईरान में हुए इजरायली हमलों के चलते दक्षिणी ईरान में 51 छात्राओं की मौत हो गई, जबकि 45 से ज्यादा घायल हैं। वहीं, इन हमलों में 3 अन्य लोगों की मौत होने जानकारी सामने आ रही है।
इजरायल और अमेरिकी हमले के बाद ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने दावा किया कि आज सुबह अमेरिका ने जियोनास्ट शासन के साथ मिलकर कई जगहों पर अटैक किया है। दुश्मन को लगता है कि इन कार्रवाइयों से ईरान की जनता दबाव में आ जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं होने वाला है।
सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के बयान में यह भी कहा गया है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान सरकार ने लोगों को भरोसा दिलाया कि जरूरी सामान और सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है।
ईरान ने नागरिकों को बताया है कि इन हमलों से घबराने की जरूरत नहीं है। एहतियात के तौर पर अगली सूचना तक स्कूल और विश्वविद्यालय बंद रहेंगे, जबकि बैंक अपनी सेवाएं जारी रखेंगे। इसके साथ ही सरकारी कार्यालय फिलहाल 50 प्रतिशत स्टाफ के साथ काम करेंगे।
इजरायल और अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी इजरायल पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने पलटवार करते हुए करीब 400 मिसाइलें दागीं हैं। ईरान ने इजराइल के अलावा कुवैत, कतर, बहरीन और सऊदी अरब, UAE और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी बेस पर भी हमला किया है।
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दरअसल, इजरायल ने ईरान के खुफिया मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का ऑफिस और ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन को निशाना बनाया। खामेनेई के ठिकाने पर हमले की सैटेलाइट इमेज भी सामने आई है। हालांकि बताया जा रहा है कि हमले के पहले खामेनेई को सुरक्षित जगह शिफ्ट किया जा चुका था।