सायरन के आवाज से कांपा इजरायल, ईरान ने साल्वो मिसाइलों से किया जोरदार हमला, हाइफा में मचा हड़कंप
ईरान ने एक बार फिर इजरायल पर साल्वो मिसाइलों से हमला किया है। इस हमले के चलते हाइफा और उत्तरी इजरायल में एयर सायरन गूंज उठे हैं। हालात के चलते वहां के नागरिकों में भारी अफरा-तफरी और डर का माहौल है।
- Written By: अमन उपाध्याय
सांकेतिक तस्वीर, (सो. सोशल मीडिया)
तेल अवीव: ईरान ने एक बार फिर इजरायल पर बड़ा मिसाइल हमला किया है। इजरायली सेना के अनुसार, ईरान ने इजरायल पर कई मिसाइलें एक साथ दागी हैं। इस हमले के बाद हाइफा और उत्तरी इजरायल के इलाकों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए जा रहे हैं। इजरायली सेना ने स्पष्ट किया है कि ईरान ने फिर से बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार शुरू कर दी है। इस हमले के कारण उत्तरी इजरायल के कई क्षेत्रों में सायरन की आवाज़ सुनाई दी, जिससे वहां के नागरिकों में भय और अफरातफरी फैल गई।
इजरायली सेना (IDF) ने एक बयान जारी कर बताया कि ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमले के कारण हाइफा, अक्रा, नाहारिया और उत्तरी इलाक़ों के अन्य शहरों में सायरन बजने लगे। सेना ने लोगों को तुरंत बंकरों या सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का निर्देश दिया। आईडीएफ ने कहा, “यह ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों की एक नई लहर है। हमारी वायु रक्षा प्रणाली ने कार्रवाई शुरू कर दी है और हम जवाबी हमले कर रहे हैं।”
स्टॉक एक्सचेंज पर हुआ हमला
इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच यह नया हमला हुआ है। पहले भी तेहरान की ओर से मिसाइल हमले किए गए थे, जिनमें इजरायल का सोरोका अस्पताल और तेल अवीव का स्टॉक एक्सचेंज निशाने पर थे। इन हमलों में कई लोग घायल हुए थे। जवाब में इज़रायल ने भी ईरान के सैन्य ठिकानों और जल संयंत्रों पर प्रहार किया। इजरायली सेना ने कहा है कि वे मौजूदा हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई भी करेंगे।
सम्बंधित ख़बरें
परमाणु समझौते पर गालिबाफ की ट्रंप को दो टूक चेतावनी, बोले- ईरानी अधिकारों पर समझौता मंजूर नहीं
क्या चीन की मिसाइल से गिरा अमेरिकी F-15 विमान? ईरान में हुए हादसे पर बड़ा खुलासा, ट्रंप प्रशासन में खलबली
चीन में नहीं थम रहा माइनिंग हादसों का सिलसिला, अब यूनान में खदान ढहने से 5 की मौत; सुरक्षा दावों की खोली पोल
इजरायल ने लितानी नदी पार कर ब्यूफोर्ट किले पर फहराया झंडा, 24 साल बाद फिर मिली बड़ी कामयाबी
ईरान का न्यूक्लियर बंकर बनेगा आग का गोला! क्या दुनिया एक बार फिर देखेगी परमाणु प्रलय?
इस तरीके से होता है मिसाइल हमला
इस रणनीति में दुश्मन को चकमा देने के लिए एक साथ कई मिसाइलें दागी जाती हैं, ताकि ताकि दुश्मन की वायु रक्षा प्रणाली (जैसे इजरायल का ‘आयरन डोम’) अत्यधिक लोड डाला जा सके और वह सभी incoming मिसाइलों को समय पर ट्रैक और नष्ट न कर सके। इस हमले को विभिन्न दिशाओं और अलग-अलग ऊंचाइयों से अंजाम दिया जाता है, जिससे रक्षा प्रणाली की क्षमता भ्रमित हो जाती है। इसके लिए लंबी दूरी वाली बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया जाता है। ईरान आमतौर पर शहाब, सेज्जिल और फतेह-110 जैसी मिसाइलों का प्रयोग करता है, जिनकी मारक क्षमता 300 से 2,000 किलोमीटर तक होती है।
