अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड जॉन (सोर्स-सोशल मीडिया)
US Policy for Gaza Monitoring Israel Objection: गाजा में भविष्य की शासन व्यवस्था और निगरानी के लिए अमेरिका द्वारा गठित ‘गाजा कार्यकारी समिति’ पर इजरायल ने सख्त रुख अपनाते हुए गहरी नाराजगी जाहिर की है। इजरायली सरकार का कहना है कि इस महत्वपूर्ण समिति के गठन और इसके सदस्यों की घोषणा से पहले वाशिंगटन ने उनके साथ कोई समन्वय नहीं किया।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस अमेरिकी कदम को इजरायल की सुरक्षा नीतियों के पूरी तरह विपरीत बताया है और इस मुद्दे पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब दोनों सहयोगी देश युद्धविराम योजना के दूसरे और सबसे चुनौतीपूर्ण चरण में प्रवेश कर रहे हैं।
इजरायल ने शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि गाजा कार्यकारी समिति का गठन उसकी राष्ट्रीय नीतियों और सुरक्षा हितों के साथ मेल नहीं खाता है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने विदेश मंत्रालय को तुरंत निर्देश दिया है कि वे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से संपर्क कर इस आपत्ति को मजबूती से दर्ज कराएं। इजरायल का मानना है कि गाजा के भविष्य से जुड़े किसी भी फैसले में उनकी प्रत्यक्ष भागीदारी और पूर्व सहमति अनिवार्य होनी चाहिए।
व्हाइट हाउस द्वारा घोषित इस समिति में किसी भी इजरायली सरकारी अधिकारी को स्थान नहीं दिया गया है, जो इजरायल की आपत्ति का मुख्य केंद्र है। हालांकि इसमें एक इजरायली व्यवसायी को शामिल किया गया है, लेकिन महत्वपूर्ण पदों पर ट्रंप के करीबी विश्वासपात्र और ब्रिटेन के एक पूर्व प्रधानमंत्री को रखा गया है। समिति में एक अमेरिकी जनरल और पश्चिम एशियाई सरकारों के शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति इजरायल को अपनी स्वायत्तता पर एक हस्तक्षेप जैसी प्रतीत हो रही है।
ट्रंप प्रशासन की योजना के अनुसार, गाजा में अमेरिका की निगरानी वाले क्षेत्रों का शासन एक फिलिस्तीनी समिति द्वारा चलाया जाएगा, जिसका नेतृत्व अली शात करेंगे। अली शात एक अनुभवी इंजीनियर और फिलिस्तीनी प्राधिकरण के पूर्व अधिकारी हैं, जिन्हें गाजा के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी ट्रंप के नेतृत्व वाला ‘बोर्ड ऑफ पीस’ करेगा, जिसे इजरायल अपनी सैन्य रणनीतियों के लिए एक बाधा मान रहा है।
काहिरा में शुक्रवार को इस नवनियुक्त फिलिस्तीन समिति की पहली बैठक संपन्न हुई, जिसमें गाजा के हालात सुधारने के लिए तत्काल कार्य करने का संकल्प लिया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अली शात ने कहा कि युद्ध से तबाह हुए गाजा के पुनर्निर्माण और विस्थापितों के पुनर्स्थापन में लगभग तीन साल का समय लगेगा। हालांकि, इजरायल की आपत्तियों ने इस पूरी अमेरिकी पहल की सफलता और भविष्य की स्थिरता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।