Greenland Dispute: ट्रंप की 10% टैरिफ की धमकी पर फ्रांस और ब्रिटेन ने दिया करारा जवाब, कहा संप्रभुता सर्वोपरि

Trump Tariff Threat: ग्रीनलैंड विवाद पर ट्रंप ने 8 यूरोपीय देशों पर 10% टैरिफ लगाने की धमकी दी। फ्रांस और ब्रिटेन ने इसे संप्रभुता पर हमला बताते हुए झुकने से इनकार किया और कड़ा जवाब देने की बात कही।
Trump's 10% Tariff Threat Over Greenland: France and UK Defy US Pressure, Defend Sovereignty
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोक्के रासमुसेन, डेनमार्क की राष्ट्रपति मेटे फ्रेडरिक्सन, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन --बाएं से दाहिने (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Trump Greenland tariff France UK response: ग्रीनलैंड पर नियंत्रण को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नाटो सहयोगियों के बीच राजनयिक विवाद अब एक गहरे आर्थिक युद्ध में बदलता नजर आ रहा है। ट्रंप ने शनिवार को ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अमेरिका का समर्थन न करने वाले आठ यूरोपीय देशों पर 10% आयात शुल्क लगाने का बड़ा ऐलान कर दिया है।

इस फैसले ने फ्रांस, ब्रिटेन और डेनमार्क जैसे करीबी सहयोगियों को चौंका दिया है, जिन्होंने ट्रंप की इस व्यापारिक धमकी को अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए घातक बताया है। यूरोपीय संघ ने इस संकट पर चर्चा करने के लिए तत्काल एक आपातकालीन बैठक बुलाई है, क्योंकि मामला अब सुरक्षा से हटकर वैश्विक व्यापार और संप्रभुता की लड़ाई बन चुका है।

टैरिफ का आर्थिक हथियार

ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि डेनमार्क, फ्रांस और ब्रिटेन समेत आठ देशों पर फरवरी से 10% टैरिफ लागू होगा क्योंकि वे ग्रीनलैंड पर अमेरिकी दावों का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ग्रीनलैंड की पूर्ण खरीद पर कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, तो 1 जून से इस शुल्क को बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति इस टैरिफ को एक कूटनीतिक हथियार के रूप में देख रहे हैं ताकि यूरोपीय देशों को अपनी मांगें मानने के लिए मजबूर किया जा सके।

फ्रांस का कड़ा रुख

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्रंप की धमकियों का पुरजोर विरोध करते हुए कहा है कि फ्रांस को दबाव या धमकियों से डराया नहीं जा सकता है। मैक्रों ने स्पष्ट किया कि आर्कटिक क्षेत्र और यूरोप की बाहरी सीमाओं की सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड में सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेना उनका संप्रभु अधिकार है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इन टैरिफ को लागू करता है, तो पूरा यूरोप एकजुट होकर इसका करारा जवाब देगा और अपनी स्वतंत्रता से समझौता नहीं करेगा।

ब्रिटेन और डेनमार्क की प्रतिक्रिया

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इस कदम को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि नाटो सहयोगियों पर इस तरह शुल्क लगाना सामूहिक सुरक्षा के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने साफ किया कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है और इसका भविष्य केवल वहां के लोग और डेनमार्क की सरकार ही तय कर सकते हैं। डेनमार्क के विदेश मंत्री ने भी इस अचानक लिए गए फैसले पर आश्चर्य जताया है, क्योंकि हाल ही में अमेरिकी अधिकारियों के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक रही थी।

यूरोपीय संघ की चुनौती

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यह टैरिफ transatlantic संबंधों को कमजोर करेंगे और यूरोप अपनी आर्थिक संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल आठ विशिष्ट देशों पर टैरिफ लागू करना तकनीकी रूप से कठिन होगा क्योंकि यूरोपीय संघ एक एकल आर्थिक क्षेत्र के रूप में कार्य करता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि व्हाइट हाउस इन जटिल व्यापारिक नियमों के बीच इस प्रतिशोधात्मक कार्रवाई को कानूनी रूप से कैसे अंजाम देता है।

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