गाजा में ट्रंप की ‘शांति योजना’ से पहले इजरायल का बड़ा हमला; 12 की मौत, बच्चों और महिलाओं ने गंवाई जान
Israel Gaza Attack: डोनाल्ड ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति योजना प्रभावी होने से ठीक पहले इजरायल ने गाजा में बड़ा हमला किया है। इसमें 12 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई है, जिनमें मासूम बच्चे भी शामिल हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
इजरायल का गाजा पर हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Israel Gaza Attack Latest News In Hindi: गाजा पट्टी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शांति स्थापना के लिए प्रस्तावित 20 सूत्रीय योजना के प्रभावी होने से ठीक पहले स्थिति एक बार फिर तनावपूर्ण हो गई है। शनिवार, 31 जनवरी 2026 के तड़के इजरायल ने गाजा पर अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे भीषण हमला किया है।
इस ताजा हमले में कम से कम 12 फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई है जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में युद्धविराम की नाजुक कोशिशें जारी थीं।
हंसते-खेलते परिवारों पर बरसी मौत
नासिर और शिफा अस्पतालों के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इजरायली बमबारी ने गाजा सिटी के एक अपार्टमेंट और खान यूनिस में स्थित एक टेंट कैंप को निशाना बनाया। शिफा अस्पताल की रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा सिटी में हुए हमले में एक ही परिवार की मां, तीन बच्चे और उनकी दादी व चाची की मौत हो गई।
सम्बंधित ख़बरें
बैक-टू-बैक ब्लास्ट से दहला पाकिस्तान, बन्नू में आतंकियों ने गाड़ियों को बनाया निशाना; 7 लोगों ने गवांई जान
24 घंटे भी नहीं टिका युद्धविराम! दक्षिणी लेबनान पर इजरायल ने की एयर स्ट्राइक, 5 लोगों की मौत
बांग्लादेश में हिंदुओं का विरोध प्रदर्शन: ढाका में गूंजे ‘जय श्री राम’ के नारे, सड़कों पर उतरे लोग
ईरान युद्ध के बाद अब ताइवान पर मंडराया संकट! चीन के 6 युद्धपोतों ने द्वीप को चारों तरफ से घेरा
वहीं, खान यूनिस के टेंट कैंप में भीषण आग लग गई, जिसमें सात लोग जलकर मर गए। मरने वालों में एक पिता, उसके तीन बच्चे और तीन छोटे पोते-पोतियां शामिल हैं। स्थानीय चिकित्सा सूत्रों ने पुष्टि की है कि कुल मौतों में दो महिलाएं और छह बच्चे केवल दो अलग-अलग परिवारों से थे।
राफा क्रॉसिंग और ट्रंप की योजना पर मंडराता साया
बड़ी बात यह है कि इजरायल ने यह हमला रविवार को राफा क्रॉसिंग को सहायता और लोगों की आवाजाही के लिए फिर से खोले जाने की तैयारी के बीच किया है। हालांकि इजरायली सेना (IDF) ने इन हमलों को ‘आतंकी ठिकानों’ पर की गई कार्रवाई बताया है, लेकिन फिलिस्तीनी पक्ष ने इसे सीधे तौर पर नागरिकों पर हमला करार दिया है। यह घटना ट्रंप प्रशासन की गाजा योजना के दूसरे चरण के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है, जिसमें हथियारों का निरस्त्रीकरण और पुनर्निर्माण जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं।
यह भी पढ़ें:- बढ़ रहा मौत का आंकड़ा, कांगो खदान हादसे ने दुनिया को झकझोरा; कई लोग अब भी लापता
युद्धविराम के बाद से बढ़ता मौतों का आंकड़ा
अक्टूबर 2025 में अमेरिका की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम समझौते के बाद से क्षेत्र में शांति की उम्मीद जगी थी लेकिन धरातल पर हिंसा जारी है। गाजा के सरकारी मीडिया कार्यालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस युद्धविराम के बाद से अब तक इजरायली सैन्य कार्रवाइयों में 524 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। वर्तमान में गाजा में मानवीय स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है जहां लाखों विस्थापित लोग भीषण सर्दी और अपर्याप्त सहायता के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं।
