लेबनान सीमा पर फिर भड़की जंग की चिंगारी, इजरायल का अल्टीमेटम- शर्तें मानो या भारी सैन्य हमले के लिए तैयार रहो
Israel Lebanon Ceasefire: इजरायल ने लेबनान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि युद्धविराम का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लिटानी नदी के पास हिज्बुल्लाह गुर्गों को ढेर करने के बाद तनाव चरम पर है।
- Written By: अमन उपाध्याय
इजराइल काट्ज, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Israel Lebanon Ceasefire Katz Warning: इजरायल और लेबनान के बीच हुआ युद्धविराम समझौता अब टूटने की कगार पर नजर आ रहा है। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने लेबनान सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वे समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में विफल रहते हैं तो इजरायली सेना (IDF) एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सैन्य कार्रवाई शुरू करेगी। यरूशलम के माउंट हर्जल पर शहीद सैनिकों के सम्मान में आयोजित राष्ट्रीय मेमोरियल डे के दौरान काट्ज ने हुंकार भरते हुए कहा कि इजरायल का अंतिम लक्ष्य हिज्बुल्लाह को पूरी तरह निशस्त्र करना है।
हिज्बुल्लाह की घुसपैठ
सीमा पर तनाव मंगलवार को तब बढ़ गया जब इजरायल रक्षा बल (IDF) ने दावा किया कि आतंकवादियों ने युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन कर उनके सुरक्षा घेरे में घुसने की कोशिश की। रिपोर्ट के अनुसार, ये संदिग्ध आतंकी बिंत जबील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लिटानी नदी के पास देखे गए थे।
इजरायली वायु सेना (IAF) ने बिना समय गंवाए इन गुर्गों की पहचान की और हवाई हमले में उन्हें मौके पर ही ढेर कर दिया। इजरायल का कहना है कि उत्तरी समुदायों को सुरक्षित रखने के लिए वह किसी भी खतरे को जड़ से खत्म करने की नीति पर कायम रहेगा।
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बातचीत का मतलब हार नहीं
दूसरी ओर, लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी ने जोसेफ आउन के हवाले से बताया कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही बातचीत को आत्मसमर्पण के रूप में नहीं देखते हैं। बाबदा पैलेस में स्थानीय सांसदों और प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान आउन ने स्पष्ट किया कि बातचीत केवल संघर्षों को सुलझाने का एक कूटनीतिक साधन है इसे हार या झुकना नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने युद्ध की विभीषिका झेल रहे लेबनानी लोगों से अपने देश के साथ मजबूती से खड़े होने की अपील की।
अंतरराष्ट्रीय सहायता की मांग
लेबनानी नेतृत्व ने इस बात पर जोर दिया है कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने दक्षिण लेबनान की पीड़ित आबादी की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मानवीय समूहों से सहायता की अपील की है। साथ ही, क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए लेबनानी सेना, सुरक्षा बलों और स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
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फिलहाल, दोनों देशों के बीच की ‘ब्लू लाइन’ पर भारी तनाव बना हुआ है। एक तरफ जहां इजरायल हिज्बुल्लाह को निशस्त्र करने के अपने सैन्य और राजनीतिक लक्ष्य पर अडिग है वहीं दूसरी ओर लेबनान अपनी संप्रभुता के साथ समझौता न करने की बात कह रहा है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि यह क्षेत्र शांति की ओर बढ़ेगा या एक बार फिर भीषण युद्ध की आग में झुलसेगा।
