इजरायल ईरान युद्ध, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Middle East War News: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच इजरायल और ईरान दोनों ने अपनी रणनीति और इरादों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार (10 मार्च) को इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों में ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण 191 लोग घायल हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
फ्रांस में इजरायल के राजदूत जोशुआ जर्का ने एक महत्वपूर्ण बयान में दावा किया है कि इजरायल ईरान के खिलाफ इस युद्ध में अपने निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए तय समय से भी आगे चल रहा है।
फ्रांसीसी टीवी स्टेशन बीएफएमटीवी को दिए एक साक्षात्कार में जर्का ने स्पष्ट किया कि इजरायल का मुख्य उद्देश्य ईरान की सरकार को इतना कमजोर करना है कि वहां के नागरिक अपनी किस्मत का फैसला खुद कर सकें। जर्का ने यह भी उल्लेख किया कि लेबनान में हिज्बुल्लाह के साथ लड़ाई को खत्म करने के लिए फिलहाल किसी तरह की बातचीत की जानकारी उन्हें नहीं है, क्योंकि लेबनानी सरकार अब तक हिज्बुल्लाह को निशस्त्र करने में विफल रही है।
दूसरी ओर, ईरान ने साफ संकेत दिया है कि वह किसी भी दबाव में पीछे हटने वाला नहीं है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी प्रसारक पीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि उनका देश ‘जब तक आवश्यक होगा’ मिसाइल हमले जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। अराघची ने जोर देकर कहा कि ईरान की सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक उसे अपने सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए जरूरी समझा जाएगा।
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ चल रहा यह युद्ध ‘बहुत जल्द खत्म’ हो जाएगा। हालांकि, अराघची ने ट्रंप के इस दावे को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि जमीन पर हालात कहीं अधिक जटिल हैं और संघर्ष का जल्द अंत होने की उम्मीद वास्तविक नहीं लगती। ईरानी विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस समय वाशिंगटन के साथ किसी भी प्रकार की कूटनीतिक वार्ता का कोई विचार नहीं है और न ही यह उनके एजेंडे में है।
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इजरायली स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कुल 2,339 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है, जिनमें से 95 अभी भी उपचाराधीन हैं। वर्तमान में भर्ती लोगों में से एक की हालत अत्यंत नाजुक है, जबकि 11 अन्य गंभीर स्थिति में हैं।