ईरान इस समय सबसे भीषण संकट से गुजर रहा, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran Protest Latest News In Hindi: ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हाल ही में ईरान की मुद्रा रियाल टूटकर इतिहास के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई, जहां एक अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 14.2 लाख रियाल तक जा पहुंची है।
इस गिरावट ने महंगाई को 50% के करीब पहुंचा दिया है, जिससे दैनिक उपभोग की वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। इसी के विरोध में तेहरान के ऐतिहासिक ग्रैंड बाजार और मोबाइल फोन बाजार के दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इसको लेकर प्रदर्शन देश मे इतना बड़ा हो गया है कि मरदाश्त इलाके में सुरक्षा बलों के एक वाहन में आग लगा दी गई। चश्मदीदों का कहना है कि सड़कों पर प्रदर्शनकारियों की भारी मौजूदगी बनी हुई है लगातार नारेबाजी हो रही है और जनआंदोलन की तस्वीरें साफ तौर पर सामने आ रही हैं।
🚨 BREAKING NEWS – MARDASHT | IRAN Reports indicate that a vehicle linked to security forces caught fire in Mardasht. Eyewitnesses describe a sustained street presence by demonstrators, with ongoing chants and visible public mobilisation as nationwide protests and strikes… pic.twitter.com/yXz7uZ1eAo — Niyak Ghorbani (نیاک) (@GhorbaniiNiyak) January 1, 2026
शुरुआत में ये प्रदर्शन महंगाई और रोजगार जैसे मुद्दों पर केंद्रित थे लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। आंदोलन तेहरान से निकलकर इस्फहान, शिराज, यज्द और केरमानशाह जैसे प्रमुख शहरों तक फैल गया है। जब विश्वविद्यालयों के छात्र भी इस विरोध में शामिल हुए तो प्रदर्शनों ने राजनीतिक रूप ले लिया। अब सड़कों पर ‘तानाशाह को मौत’ जैसे कट्टर विरोधी नारे लग रहे हैं।
इस संकट के पीछे केवल आंतरिक कुप्रबंधन ही नहीं बल्कि युद्ध की विभीषिका भी है। पिछले साल जून में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच 12 दिनों तक चली जंग ने देश के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस कर दिया। इस युद्ध में 1,000 से अधिक लोग मारे गए और ईरान के परमाणु ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा।
युद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र ने ईरान पर वे कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध दोबारा लागू कर दिए जिन्हें करीब एक दशक पहले हटाया गया था। इन प्रतिबंधों ने ईरान के व्यापारिक रास्ते बंद कर दिए हैं।
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने स्वीकार किया है कि हालात बेहद मुश्किल हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महंगाई 50% हो और बजट के लिए 62% टैक्स बढ़ाने की मजबूरी हो तो राहत के लिए पैसा कहां से आएगा?
यह भी पढ़ें:- BANGLADESH: दरिंदगी की हदें पार! पहले हिंदू शख्स को पीटा, फिर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश
दूसरी ओर, शासन ने सुरक्षा बलों के जरिए प्रदर्शनों को कुचलने की कोशिश तेज कर दी है। 18 प्रांतों में दफ्तर और विश्वविद्यालय बंद कर दिए गए हैं और पुलिस प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस व बल का प्रयोग कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जनता का भरोसा अब पूरी तरह टूट चुका है।