ईरान-US में बढ़ा तनाव! तेहरान की धमकी के बाद कतर में खाली हो रहा अमेरिकी एयरबेस, 'महा-युद्ध' को लेकर हलचल तेज

Iran US Tensions: ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच कतर स्थित अल-उदीद एयरबेस से कर्मियों को हटाया जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों को फांसी दी गई, तो ऐसी...
Tensions escalate between Iran and the US! Following Tehran's threats, a US airbase in Qatar is being evacuated, and concerns about a potential "major war" are intensifying.
कतर में खाली हो रहा अमेरिकी एयरबेस, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Donald Trump Iran Warning: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। तेहरान द्वारा क्षेत्रीय अमेरिकी ठिकानों पर हमले की सीधी चेतावनी के बाद, कतर स्थित अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य एयरबेस, अल-उदीद से कर्मियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बहुत कड़ी कार्रवाई की धमकी दी है।

तीन राजनयिक सूत्रों के अनुसार, कतर स्थित अल-उदीद एयरबेस से कुछ सैन्य और गैर-सैन्य कर्मियों को बुधवार शाम तक हटने की सलाह दी गई है। हालांकि, अधिकारियों ने इसे पूरी तरह 'निकासी' कहने के बजाय पोश्चर चेंज करार दिया है। यह निर्णय तेहरान की उस चेतावनी के बाद आया है जिसमें उसने अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की बात कही थी।

निशाने पर होंगे अरब देश

एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि यदि वॉशिंगटन ने ईरान में चल रहे प्रदर्शनों के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया, तो पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। ईरान ने साफ किया है कि इस हमले के दायरे में केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि उसके सहयोगी देश भी आएंगे जिसमें सऊदी अरब, यूएई, तुर्की और कतर में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे ईरान के सीधे निशाने पर होंगे।

ट्रंप का 'अल्टीमेटम' और 2600 मौतें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर उन्होंने लोगों को फांसी दी तो आप कुछ ऐसा देखेंगे जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से सड़कों पर डटे रहने की अपील करते हुए कहा कि 'मदद रास्ते में है' मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, ईरान में अब तक करीब 2600 लोगों की मौत हो चुकी है, जो पिछले कई वर्षों में सबसे बड़ा आंकड़ा है।

कूटनीति फेल, इजरायल भी अलर्ट

तनाव इस कदर बढ़ गया है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची और अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बीच चल रही सीधी बातचीत को फिलहाल रोक दिया गया है। इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सुरक्षा कैबिनेट को भी स्थिति की गंभीरता पर ब्रीफ किया गया है। पिछले साल ईरान और इजरायल के बीच हुई 12 दिनों की जंग में अमेरिका भी शामिल हुआ था और मौजूदा हालात फिर उसी दिशा में बढ़ते दिख रहे हैं।

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