

Iran Aramco Attack: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की आंच अब सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे तक पहुंचती दिख रही है। रॉयटर्स और ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco ने ड्रोन हमले की आशंका के बाद सोमवार को अपनी रास तनुरा तेल रिफाइनरी को एहतियातन बंद कर दिया। एपी के अनुसार, सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सेना ने रिफाइनरी की ओर बढ़ रहे ड्रोन को मार गिराया। सऊदी सैन्य प्रवक्ता ने इसकी जानकारी सरकारी Saudi Press Agency के माध्यम से दी।
रास तनुरा तेल रिफाइनरी सऊदी अरब की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है, जिसकी क्षमता प्रतिदिन लगभग 5,50,000 बैरल कच्चे तेल को रिफाइन करने की है। रॉयटर्स के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और आग पर काबू पा लिया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में रिफाइनरी से घना धुआं उठता दिखाई दे रहा है, हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। इसके चलते लंदन में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 9.7% की तेजी देखी गई। ऐसे समय में तेल उत्पादन से जुड़े बड़े बुनियादी ढांचे पर हमला वैश्विक बाजार के लिए गंभीर संकेत माना जा रहा है।
तनाव के कारण अहम होर्मुज स्ट्रेट के जरिए समुद्री यातायात पहले से प्रभावित बताया जा रहा है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि खाड़ी क्षेत्र से तेल निर्यात में लंबी रुकावट आती है, खासकर अगर होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद रहता है, तो आपूर्ति घटने और मांग बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। कुल मिलाकर, मौजूदा हालात ने ऊर्जा बाजारों में लंबी अस्थिरता की आशंका पैदा कर दी है।