48 घंटे बाद शुरू होगी जंग! पाक के 60 दिन वाले ‘शांति प्लान’ पर फिरा पानी, क्या ईरान पर होगा सरप्राइज अटैक?
Iran US Peace Talks: इस्लामाबाद में होने वाली अमेरिका-ईरान शांति वार्ता अधर में लटक गई है। ईरान ने वार्ता में शामिल होने से इनकार करते हुए अमेरिका और इजरायल द्वारा 'सरप्राइज अटैक' की आशंका जताई है।
- Written By: अमन उपाध्याय
कॉन्सेप्ट फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran US Peace Talks Fail: मध्य पूर्व में युद्ध के बादलों के बीच शांति की आखिरी कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद, जो अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह सज-धज कर तैयार थी, अब अनिश्चितता के भंवर में है।
ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी तरह की वार्ता में शामिल होने की कोई योजना नहीं है। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब दोनों देशों के बीच हुए युद्धविराम की समयसीमा समाप्त होने में 48 घंटे से भी कम का समय बचा है।
इस्लामाबाद की तैयारी
पाकिस्तान सरकार ने इस हाई-प्रोफाइल वार्ता के लिए इस्लामाबाद को छावनी में तब्दील कर दिया था और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पाकिस्तान का लक्ष्य था कि अमेरिका और ईरान को एक मेज पर लाकर एक ‘समझौता ज्ञापन’ (MoU) पर हस्ताक्षर कराए जाएं, जिससे युद्धविराम की अवधि को 60 दिनों तक बढ़ाया जा सके। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को साफ किया कि तेहरान की ओर से अभी तक वार्ताकारों को भेजने का कोई फैसला नहीं लिया गया है।
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‘सरप्राइज अटैक’ का डर
ईरान के इस अड़ियल रुख के पीछे गहरी आशंकाएं छिपी हैं। सूत्रों के अनुसार, ईरान को शक है कि अमेरिका-इजरायल उसे बातचीत की मेज पर उलझाकर किसी बड़े ‘सरप्राइज अटैक’ की योजना बना रहे हैं। इसके अलावा, ईरान अब अपने ‘दोस्त’ पाकिस्तान की वफादारी पर भी संदेह कर रहा है। तेहरान का मानना है कि इस्लामाबाद निष्पक्ष रहने के बजाय वाशिंगटन और सऊदी अरब की ओर अधिक झुक रहा है। हाल ही में अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरान के मालवाहक जहाजों को जब्त किए जाने की घटना ने इस अविश्वास को और हवा दी है।
चेतावनी और 10 सूत्रीय प्रस्ताव
भले ही ईरान वार्ता से पीछे हट रहा है, लेकिन उसने पाकिस्तान के माध्यम से एक 10 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है। साथ ही, ईरानी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका या इजरायल ने कोई आक्रामक कदम उठाया, तो ईरानी सेना ‘उसी के अनुरूप जवाब देगी’। प्रवक्ता बघाई ने कड़े शब्दों में कहा कि अमेरिका अपने पुराने अनुभवों से कोई सबक नहीं सीख रहा है और इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे।
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संकट में फंसी दुनिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि उनके वार्ताकार सोमवार को पाकिस्तान के लिए रवाना होंगे, जिससे शांति की उम्मीदें जगी थीं। लेकिन ईरान के वर्तमान रुख ने उन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। पाकिस्तान अब भी सावधानीपूर्वक उम्मीद लगाए बैठा है कि वह दोनों पक्षों को मेज पर वापस ला पाएगा। यदि अगले कुछ घंटों में बातचीत शुरू नहीं होती है तो युद्धविराम खत्म होते ही क्षेत्र में संघर्ष का एक नया और विनाशकारी दौर शुरू हो सकता है।
