ट्रंप के टीम भेजने के ऐलान के बाद ईरान की 'ना', शांति वार्ता से पीछे हटा तेहरान; US को दी 'करारे जवाब' की धमकी

Iran Abandons Peace Talks: ईरान ने अमेरिका पर 'ईमानदारी की कमी' का आरोप लगाते हुए इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता को रद्द कर दिया है, जिससे कूटनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
Iran Says 'No' After Trump Announces Sending a Team; Tehran Backs Out of Peace Talks and Threatens US with a 'Crushing Response'
मोजतबा खामेनेई और डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran Abandons Peace Talks Islamabad: पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करने की कोशिशों को सोमवार को उस समय गहरा झटका लगा जब ईरान ने अमेरिका के साथ होने वाली शांति वार्ता से हटने का औपचारिक ऐलान कर दिया। ईरान ने इस फैसले के पीछे अमेरिका की 'ईमानदारी में कमी' (Lack of Sincerity) को मुख्य कारण बताया है।

यह महत्वपूर्ण वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित होने वाली थी लेकिन ईरानी विदेश मंत्रालय के इस कदम ने कूटनीतिक सफलता की उम्मीदों को फिलहाल धराशायी कर दिया है।

वार्ता रद्द के पीछे क्या है मुख्य कारण?

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया कि तेहरान का प्रतिनिधिमंडल अब इस्लामाबाद की यात्रा नहीं करेगा। बगाई ने अमेरिका पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वॉशिंगटन की मंशा शांति स्थापित करने की नहीं है। उन्होंने हाल ही में 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में अमेरिका द्वारा ईरानी ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज को जब्त किए जाने की घटना का जिक्र किया और इसे वार्ता विफल होने की प्राथमिक वजह बताया। ईरान के अनुसार, यह कार्रवाई सीधे तौर पर आक्रामकता का प्रतीक है और कूटनीति की भावना के विपरीत है।

अमेरिका पर संघर्ष विराम के उल्लंघन का आरोप

ईरान ने केवल वर्तमान स्थिति पर ही नहीं बल्कि अमेरिका के पिछले व्यवहार पर भी सवाल उठाए हैं। प्रवक्ता बगाई ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने संघर्ष विराम के लागू होने के शुरुआती समय से ही इसकी शर्तों का उल्लंघन करना शुरू कर दिया था। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान को इन सभी उल्लंघनों के बारे में औपचारिक रूप से सूचित कर दिया गया है। ईरान का मानना है कि अमेरिका वास्तविक समाधान खोजने के बजाय केवल 'ईरान पर दोष मढ़ने का खेल' खेल रहा है।

ट्रंप की घोषणा के कुछ घंटों बाद आया फैसला

ईरान के इस ऐलान का समय काफी चौंकाने वाला रहा। यह घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस्लामाबाद वार्ता के लिए अपनी टीम भेजने के बयान के महज कुछ घंटों बाद ही कर दी गई। ऐन वक्त पर वार्ता से हाथ खींचकर ईरान ने अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असहज स्थिति में डाल दिया है। तेहरान का कहना है कि अमेरिका अपनी पुरानी राजनीतिक गलतियों को दोहरा रहा है और अतीत के अनुभवों से सबक सीखने में विफल रहा है।

सैन्य अलर्ट पर ईरान

राजनयिक रास्ते बंद करने के साथ ही ईरान ने अपनी सैन्य तैयारियों को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि भले ही बातचीत का रास्ता छोड़ दिया गया हो, लेकिन ईरान की सेना पूरी तरह से तैयार है। इस्माइल बगाई ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका या इजरायल की ओर से कोई भी 'नई आक्रामकता' दिखाई गई तो ईरानी सेना उसका करारा और उचित जवाब देंगी। इस घटनाक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में एक बार फिर युद्ध की आहट तेज हो गई है।

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