ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप का उड़ाया मजाक (सोर्स- सोशल मीडिया)
Donald Trump and AI Jesus Controversy: दुनियाभर में मौजूद ईरान के दूतावासों ने सोशल मीडिया पर अमेरिका के खिलाफ एक तरह का “मीम वॉर” छेड़ दिया है। इस बार निशाने पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं। विवाद की वजह ट्रंप द्वारा शेयर की गई एक AI-जनरेटेड तस्वीर बनी, जिसमें वे खुद को ईसा मसीह जैसा दिखाते नजर आए।
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब हाल ही में ट्रंप ने अपने सोशल प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक तस्वीर पोस्ट की। इस तस्वीर में वे ढीले कपड़ों में एक बीमार व्यक्ति पर चमकता हुआ हाथ रखते हुए दिखाई दे रहे थे, जो बाइबल की कहानियों से प्रेरित लग रही थी। यह तस्वीर तेजी से वायरल हुई और इसके बाद 15 अप्रैल को ताजिकिस्तान स्थित ईरानी दूतावास ने इसी तस्वीर का एक बदला हुआ वीडियो संस्करण शेयर किया।
ईरान के इस वर्जन में कहानी पूरी तरह उलट दी गई। वीडियो में गुस्से में दिखाए गए ईसा मसीह को ट्रंप पर हमला करते हुए दर्शाया गया, जो मूल तस्वीर के संदेश के विपरीत था। इस तरह ईरान ने ट्रंप की पोस्ट का जवाब व्यंग्य और तंज के जरिए दिया।
pic.twitter.com/JfIzjX1Glx — Iran Embassy in Tajikistan (@IRANinTJ) April 14, 2026
डोनाल्ड ट्रंप की एआई तस्वीर को लेकर काफी विवाद भी हुआ। ईसाई समुदाय के कई एक्टिविस्ट्स, धार्मिक नेताओं और यहां तक कि उनके कुछ समर्थकों ने भी इसकी आलोचना की। आलोचकों का कहना था कि इस तरह की तस्वीर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है और इसे ईशनिंदा के रूप में देखा जा सकता है। कुछ कैथोलिक धर्मगुरुओं और ईसाई पत्रकारों ने कहा कि “भगवान का इस तरह मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए।”
विवाद बढ़ने के बाद ट्रंप ने स्वीकार किया कि तस्वीर उन्होंने ही पोस्ट की थी, लेकिन माफी मांगने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि उनका उद्देश्य धार्मिक नहीं था, बल्कि वे खुद को एक “हीलर” या डॉक्टर के रूप में दिखाना चाहते थे। हालांकि बढ़ते विरोध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही आलोचना के बीच उन्होंने यह पोस्ट हटा दी और कहा कि लोगों ने इसे गलत तरीके से समझा।
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बता दें कि इस पोस्ट से कुछ समय पहले ट्रंप ने पोप लियो चौदहवें की आलोचना भी की थी, जो ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल की नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म अब वैश्विक राजनीति का नया मैदान बनते जा रहे हैं।