मोजतबा खामेनेई, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran Threatens Destroy Ships Strait Of Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच 15 दिनों के ऐतिहासिक सीजफायर के ऐलान के चंद घंटों बाद ही पश्चिम एशिया में फिर से युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। ईरान ने एक कड़ा अल्टीमेटम जारी करते हुए चेतावनी दी है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) में बिना अनुमति प्रवेश करने वाले किसी भी जहाज को ‘नष्ट’ कर दिया जाएगा।
ईरानी नौसेना ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के पास मौजूद जहाजों को रेडियो संदेश भेजकर स्पष्ट कर दिया है कि यहां से गुजरने के लिए ईरानी सेपाह नौसेना की अनुमति लेना अब अनिवार्य है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, जहाजों के चालक दल द्वारा साझा किए गए ऑडियो में ईरानी नौसेना की यह सख्त चेतावनी दर्ज की गई है। संदेश में साफ कहा गया है कि यदि कोई भी पोत बिना अनुमति के जलमार्ग पार करने की कोशिश करता है तो उसे तत्काल प्रभाव से उड़ा दिया जाएगा। इस धमकी के बाद अधिकांश जहाज वर्तमान में हॉर्मुज में स्थिर हो गए हैं जिससे वैश्विक व्यापार पर फिर से संकट के संकेत मिल रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को इस युद्धविराम की घोषणा करते हुए एक प्रमुख शर्त रखी थी कि हॉर्मुज जलमार्ग को ‘पूर्ण, तत्काल और सुरक्षित’ तरीके से खोला जाना चाहिए। ट्रंप ने यह भी साझा किया कि उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के प्रस्ताव पर यह निर्णय लिया है। हालांकि, ईरान की ताज़ा सख्ती यह दर्शाती है कि वह इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अपना प्रभाव कम करने के मूड में नहीं है।
ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने युद्धविराम को स्वीकार तो कर लिया है लेकिन साथ ही यह स्पष्ट कर दिया है कि इसे ‘युद्ध का अंत’ न समझा जाए। तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि दुश्मन की ओर से कोई भी गलती होती है तो उसका जवाब पूरी सैन्य शक्ति के साथ दिया जाएगा। वर्तमान में फारस की खाड़ी के ऊपर युद्धक विमानों की तैनाती जारी है जो क्षेत्र में बनी नाजुक स्थिति की गवाही दे रहे हैं।
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ईरान और ओमान के बीच स्थित यह समुद्री मार्ग मात्र 34 किलोमीटर चौड़ा है लेकिन यह वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है। दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत (एक-पांचवीं) तेल आपूर्ति इसी मार्ग से होती है। पिछले छह हफ्तों से चल रहे संघर्ष में यह मार्ग युद्ध का मुख्य केंद्र बना रहा है और अब सीजफायर के दौरान भी यहाँ तनाव बरकरार है। भविष्य की वार्ता पाकिस्तान में प्रस्तावित है जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।