पीट हेगसेथ, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Us Pentagon Claims Victory Iran Operation Epic Fury: पश्चिम एशिया में जारी महाजंग के बीच अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने घोषणा की है कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) में अमेरिका को निर्णायक जीत मिली है और ईरान को मजबूरन युद्धविराम (Ceasefire) के लिए राजी होना पड़ा है।
पेंटागन के अनुसार, अमेरिका ने अपनी कुल सैन्य क्षमता का मात्र 10 प्रतिशत हिस्सा ही इस्तेमाल किया लेकिन इतने कम बल के प्रयोग से ही ईरान के सैन्य ढांचे को अपूरणीय क्षति पहुंची है।
पेंटागन प्रमुख पीट हेगसेथ के मुताबिक, मंगलवार रात को अमेरिका ने ईरान पर 800 से अधिक भीषण हवाई हमले किए। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान के सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को जड़ से खत्म करना था। अमेरिकी दावों के अनुसार, इन हमलों में ईरान की कई हथियार फैक्ट्रियां जमींदोज हो गई हैं और उसका मिसाइल प्रोग्राम अब पूरी तरह ठप पड़ चुका है। सैन्य अधिकारियों का कहना है कि ईरान को अपनी इन क्षमताओं को दोबारा खड़ा करने में अब कई साल का समय लग सकता है।
अमेरिकी सैन्य अधिकारी केन (CAINE) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस ऑपरेशन में ईरान के लगभग 80 प्रतिशत एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया गया है। इसके अलावा, ईरान की 90 प्रतिशत हथियार निर्माण इकाइयों को भी तबाह कर दिया गया है। पेंटागन ने यह भी रेखांकित किया है कि ईरान की नौसैनिक क्षमताओं को बहाल करने में सबसे अधिक समय लगेगा क्योंकि उसके रणनीतिक समुद्री अड्डों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है।
इस रिपोर्ट में सबसे बड़ा दावा ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा को लेकर किया गया है। पेंटागन प्रमुख ने दावा किया है कि अमेरिकी हमलों के दौरान ईरान के नए सुप्रीम लीडर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह ईरान के भीतर न केवल सैन्य बल्कि राजनीतिक अस्थिरता को भी गहरा सकता है। हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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40 दिनों तक चली इस भीषण सैन्य कार्रवाई के बाद अब कूटनीति का रास्ता खुलता दिख रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो हफ्ते के लिए सीजफायर का ऐलान कर दिया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने पुष्टि की है कि दोनों देशों के बीच औपचारिक बातचीत शुक्रवार, 10 अप्रैल से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुरू होगी। भारत के लिए भी यह राहत की खबर है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे तेल टैंकरों की आवाजाही अब सुगम होने की उम्मीद है।