अली लारिजानी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Israel Attack On Ali Larijani: मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। इजरायल ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद अब ईरान के दूसरे सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माने जाने वाले अली लारिजानी को अपना निशाना बनाया है। मंगलवार, 17 मार्च 2026 को इजरायली वायुसेना ने एक गुप्त खुफिया रिपोर्ट के आधार पर लारिजानी के ठिकानों पर जोरदार एयरस्ट्राइक की।
जानकारी के मुताबिक, इजरायल ने यह हमला सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर किया है। हालांकि, इस हमले में लारिजानी की मौत हुई है या नहीं, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। इजरायली एजेंसियां वर्तमान में यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस टारगेटेड हमले में लारिजानी का अंत हो गया है। गौरतलब है कि लारिजानी को आखिरी बार 13 मार्च को तेहरान की सड़कों पर देखा गया था।
अली लारिजानी ईरान की सर्वोच्च सुरक्षा परिषद के सचिव के पद पर कार्यरत हैं, जिसके प्रमुख स्वयं सुप्रीम लीडर होते हैं। जून 2025 में खामेनेई ने उन्हें इस पद पर नियुक्त किया था। सूत्रों के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद से लारिजानी ही ईरान की सेना को कोऑर्डिनेट कर रहे थे और देश के सभी महत्वपूर्ण फैसले ले रहे थे। चूंकि ईरान के नए सुप्रीम लीडर फिलहाल घायल बताए जा रहे हैं, इसलिए लारिजानी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई थी।
लारिजानी न केवल इजरायल बल्कि अमेरिका की भी हिटलिस्ट में शामिल थे। अमेरिकी सेंटकॉम (CENTCOM) कमांड ने हाल ही में उनका नाम अपनी हिटलिस्ट में डाला था और उनके बारे में जानकारी देने वाले को इनाम देने की भी घोषणा की थी। ईरान के भीतर लारिजानी की गिनती एक कट्टरपंथी नेता के रूप में होती है और वे राष्ट्रपति पद का चुनाव भी लड़ चुके हैं।
हमले से ठीक एक दिन पहले, सोमवार (16 मार्च) को लारिजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी आखिरी पोस्ट की थी। इस पोस्ट में उन्होंने ईरान की ओर से सभी मुस्लिम देशों को एक पत्र लिखकर यहूदी और ईसाई समुदायों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया था। इसके साथ ही ईरान ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी धमकी दी थी।
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28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई सहित 40 टॉप कमांडर मारे जा चुके हैं। इजरायल और अमेरिका ‘टारगेट किलिंग प्लान’ के तहत ईरान के नेतृत्व को निशाना बना रहे हैं। हालांकि, ईरान ने इस स्थिति से निपटने के लिए ‘4 उत्तराधिकारी का फॉर्मूला’ लागू कर रखा है, जिसके तहत किसी भी बड़े नेता की मौत होने पर तुरंत उनके उत्तराधिकारी के नाम का ऐलान कर दिया जाता है।