होर्मुज की नाकेबंदी पर ईरान ने दी सफाई, भारत को हो रही परेशानी से खुश नहीं तेहरान, कहा- हमें अफसोस है पर…
Iran Hormuz Blockade: ईरान ने होर्मुज की नाकेबंदी से भारत को हो रही परेशानी पर अफसोस जताया है। तेहरान का कहना है कि अमेरिका-इजरायल के हमलों के कारण उसे मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा।
- Written By: अक्षय साहू
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ismail Baghaei on Hormuz Blockade: अमेरिका और ईरान के बीच करीब 2 महीने से युद्ध जारी है। इसके चलते भारत समेत दुनियाभर के देशों को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह ईरान और अमेरिकी नौसेना द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी भी शामिल है। इसी बीच ईरान ने युद्ध और होर्मुज की नाकेबंदी को लेकर दुनिया के देशों को हो रही परेशानी को लेकर अफसोस जताया है।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी के अपने फैसला की बवाच करते हुए कहा कि, वो ऐसा नहीं करना चाहते लेकिन अमेरिका से चल रहे संघर्ष के चलते ऐसा कदम उठाना पड़ा है। हालांकि, ईरान ने भारत और दूसरे देशों को हो रही परेशानी को लेकर अफसोस जताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि, हमें ये कदम मजबूरी में उठाना पड़ा, क्योंकि अमेरिका और इजरायल ने खाड़ी क्षेत्र में अपने मौजूदा सैन्य ठिकानों से ईरान पर हमले किए।
ईरान का कदम अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आगे कहा कि, ईरान का कदम अंतर्राष्ट्रीय कानून के मुताबिक था। दुनियाभर में आई वैश्विक व्यापार और ऊर्जा मार्गों में रूकावट के लिए अमेरिका और इजरायल जिम्मेदार हैं, न कि तेहरान। उन्होंने कहा कि जंग शुरू होने से पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता सभी देशों के लिए खुला और आजाद था। लेकिन ईरान को अंतर्राष्ट्रीय कानून तहत कुछ कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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बघाई ने कहा, ईरान को हमलावरों अमेरिका और इजरायल का सामना करना पड़ा। ऐसे में होर्मुज को बंद करने का फैसला सही था और इसमें ईरान की कोई गलती नहीं थी। हालांकि, इस वजह से भारत समेत कई अन्य देशों की परेशानी हो रही है और इससे हम खुश नहीं हैं, लेकिन इसके लिए अमेरिका जिम्मेदार है।
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भारत के साथ ईरान के अच्छे रिश्ते
बघाई ने कहा कि, भारत के साथ हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं। भारत-ईरान में बहुत सारी ऐतिहासिक समानताएं हैं और उन्होंने हमेशा अच्छे कूटनीतिक संबंध बनाए रखे हैं। उन्होंने कहा कि, भारत इस बात को भलीभांति समझता है कि संयुक्त राष्ट्र के एक संप्रभु सदस्य के तौर पर ईरान पर दो परमाणु-सशस्त्र देशों ने बिना किसी कारण के अन्यायपूर्ण तरीके से हमला किया है और इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती।
