UAE Iran Conflict: यूएई के सीक्रेट हमले से भड़का ईरान, 2800 मिसाइलों से दिया करारा जवाब
UAE Iran Conflict: UAE ने ईरान की लावन तेल रिफाइनरी पर गुप्त हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने यूएई पर 2,800 से अधिक मिसाइलें दागीं। इस तनाव से खाड़ी देशों में युद्ध का खतरा बढ़ गया है।
- Written By: प्रिया सिंह
ईरान का UAE पर हमला (सोर्स-सोशल मीडिया)
UAE Iran Conflict Trigger Middle East Retaliation: खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे तनाव के बीच एक नया युद्ध मोर्चा खुल गया है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सीजफायर के दौरान यूएई ने ईरान की लावन तेल रिफाइनरी पर गुप्त रूप से एक बड़ा हमला किया था। इस अचानक हुए हमले की वजह से रिफाइनरी में भयंकर आग लग गई और ईरान का तेल उत्पादन कई महीनों के लिए ठप हो गया।
इस घटना को शुरुआत में सिर्फ एक दुश्मन का हमला बताया गया था, लेकिन बाद में यूएई का असली नाम दुनिया के सामने आया। इस उकसावे वाले कड़े कदम के जवाब में ईरान ने भी यूएई के खिलाफ एक बेहद आक्रामक और विनाशकारी रुख अपना लिया है। अपनी रिफाइनरी पर हुए इस बड़े नुकसान का बदला लेने के लिए ईरान ने भी सीधी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है।
ईरान का UAE पर भीषण मिसाइल हमला
यूएई के इस गुप्त सैन्य कदम का करारा जवाब देते हुए ईरान ने बड़े पैमाने पर अपना जबरदस्त पलटवार किया है। ईरान ने यूएई के विभिन्न ठिकानों पर 2,800 से ज्यादा मिसाइलें और घातक ड्रोन पूरी आक्रामकता के साथ दागे हैं। यह भारी संख्या हाल ही में इजरायल पर किए गए ईरानी हमलों से भी कहीं ज्यादा और विनाशकारी है।
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ईरान द्वारा किए गए इन विनाशकारी हमलों ने यूएई को बहुत भारी आर्थिक और बुनियादी ढांचागत नुकसान पहुंचाया है। दुबई और अबू धाबी जैसे प्रमुख शहरों में हवाई यातायात, पर्यटन और संपत्ति बाजार पूरी तरह से प्रभावित हुए हैं। इन लगातार हमलों के कारण वहां की अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बहुत गहरा और नकारात्मक असर पड़ा है।
इस गंभीर सैन्य संघर्ष में अमेरिका ने पूरी तरह से यूएई की इस गुप्त कार्रवाई का चुपचाप अपना समर्थन किया है। यूएई की उन्नत वायुसेना अपने अभियानों में पश्चिमी देशों के घातक लड़ाकू विमानों का व्यापक इस्तेमाल कर रही है। इसके साथ ही फ्रांस के मिराज विमानों और निगरानी के लिए चीनी विंग लूंग ड्रोन का भी काफी ज्यादा प्रयोग हो रहा है।
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UAE का ईरान पर आर्थिक दबाव
सैन्य हमलों के साथ-साथ यूएई ने अब ईरान को आर्थिक मोर्चे पर भी पूरी तरह से घेरना और कमजोर करना शुरू कर दिया है। दुबई में ईरान से जुड़ी सभी बड़ी आर्थिक गतिविधियों पर लगाम लगाते हुए कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। इसके अलावा ईरानी नागरिकों के वीजा अधिकारों में भारी कटौती करते हुए उनके स्कूल और क्लब भी पूरी तरह बंद किए गए हैं।
विशेषज्ञ दीना एसफंदियारी के अनुसार किसी खाड़ी देश का ईरान पर ऐसा सीधा हमला करना एक बहुत ही ऐतिहासिक बदलाव है। अब यूएई अपनी पुरानी कूटनीति छोड़कर ईरान के विरोध में खुलकर खड़ा होने वाला सबसे मुखर खाड़ी देश बन चुका है। इस भीषण गुप्त युद्ध ने पूरे खाड़ी क्षेत्र के सुरक्षा और राजनीतिक समीकरणों को हमेशा के लिए पूरी तरह से बदलकर रख दिया है।
