

Iran protest execution halt news: ईरान में जारी भीषण अशांति और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ट्रंप ने दावा किया है कि उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि ईरानी प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को फांसी देने और उनकी हत्या करने की योजना फिलहाल टाल दी है।
हालांकि, तेहरान से जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है, जहां न्यायपालिका प्रमुख त्वरित सुनवाई और कठोर दंड के माध्यम से विद्रोह को कुचलने की वकालत कर रहे हैं। इस विरोधाभासी स्थिति ने न केवल कूटनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि जेलों में बंद हजारों प्रदर्शनकारियों के जीवन पर भी अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में चल रही हत्याओं का सिलसिला अब पूरी तरह रुक चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि फांसी की कोई नई योजना नहीं है और उन्हें यह इनपुट बहुत ही भरोसेमंद सूत्रों के माध्यम से प्राप्त हुआ है। हालांकि, उन्होंने इन सूत्रों की पहचान उजागर नहीं की, जिससे उनके दावे की सत्यता पर अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक सवाल उठा रहे हैं।
स्काई न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी को बुधवार को तय समय पर फांसी नहीं दी गई, जिससे ट्रंप के दावे को कुछ बल मिला है। सुल्तानी को कराज में विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था और उनकी मौत की सजा पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। सुल्तानी के रिश्तेदारों का कहना है कि खतरा अभी टला नहीं है और उन्हें किसी भी क्षण फांसी के तख्ते पर चढ़ाया जा सकता है।
राष्ट्रपति ट्रंप के शांतिपूर्ण दावों के विपरीत ईरान के न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई ने बेहद सख्त और आक्रामक रुख अपनाने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिरासत में लिए गए 18,000 से अधिक लोगों को बिना किसी देरी के फास्ट ट्रैक ट्रायल के जरिए सजा दी जानी चाहिए। मोहसेनी-एजेई का मानना है कि सजा में देरी करने से उसका प्रभाव कम हो जाता है, इसलिए त्वरित कार्रवाई ही एकमात्र विकल्प है।
मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी के मुताबिक सुरक्षा बलों की हिंसक कार्रवाई में अब तक कम से कम 2,586 प्रदर्शनकारियों की जान जा चुकी है। यह आंकड़ा 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से अब तक की सबसे बड़ी नागरिक अशांति और दमन की कहानी बयां करता है। मरने वालों की इतनी बड़ी संख्या ने वैश्विक स्तर पर ईरान सरकार के खिलाफ बड़े प्रतिबंधों और सैन्य हस्तक्षेप की मांग को और तेज कर दिया है।
ईरान सरकार ने देश भर में इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह बंद कर रखा है ताकि दमन की खबरें और वीडियो अंतरराष्ट्रीय मीडिया तक न पहुंच सकें। कराज और तेहरान जैसे शहरों में भारी सुरक्षा तैनाती के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और लोकतंत्र की मांग कर रहे हैं। ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को बार-बार 'मदद आ रही है' का संदेश दिया है, लेकिन अभी तक किसी सैन्य कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।