
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन (सोर्स-सोशल मीडिया)
Iran Russia cooperation in UN support: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ टेलीफोन पर विशेष बातचीत की। इस चर्चा के दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र में ईरान के वैध अधिकारों का डटकर समर्थन करने के लिए रूस का आभार जताया। पेज़ेशकियन ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रूस की कूटनीतिक भूमिका को सराहते हुए द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने वर्तमान वैश्विक चुनौतियों और ईरान में जारी हालिया आंतरिक घटनाक्रमों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार मसूद पेज़ेशकियन ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में रूस की सक्रियता को सराहा। उन्होंने कहा कि रूस ने हमेशा ईरान पर लगाए गए क्रूर प्रतिबंधों के खिलाफ आवाज उठाकर एक सच्चे मित्र की भूमिका निभाई है। राष्ट्रपति ने अपनी घरेलू नीति को जनता-केंद्रित बताते हुए समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास करने की बात कही।
पेज़ेशकियन ने पुतिन को ईरान में हाल ही में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों और उनके पीछे की विदेशी साजिशों की जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं में अमेरिका, इज़रायल और कुछ यूरोपीय देशों का प्रत्यक्ष हस्तक्षेप और भूमिका साफ नजर आती है। ईरानी नेतृत्व का मानना है कि विदेशी शक्तियां देश की आंतरिक सुरक्षा और शांति को अस्थिर करने का प्रयास कर रही हैं।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान में सुरक्षा बलों पर हुए हिंसक हमलों और धार्मिक स्थलों में हुई तोड़फोड़ की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि ईरान के वर्तमान हालात पश्चिमी देशों द्वारा प्रायोजित ‘कलर रिवॉल्यूशन’ के पुराने और परिचित परिदृश्यों से काफी मिलते-जुलते हैं। पुतिन ने उम्मीद जताई कि ईरानी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से जल्द ही आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
दोनों नेताओं ने अर्थव्यवस्था, निवेश, परिवहन और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को ‘बेहद अच्छा’ करार दिया है। पेज़ेशकियन ने कहा कि परिवहन कॉरिडोर और ऊर्जा परियोजनाएं बिना किसी बाधा के सही दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। पुतिन ने भी सहयोग परियोजनाओं में हुई प्रगति पर संतोष जताते हुए संबंधों के और विस्तार का स्वागत किया।
दिसंबर के अंत से ईरान के कई शहरों में स्थानीय मुद्रा रियाल की गिरावट और बढ़ती महंगाई के विरोध में व्यापक प्रदर्शन शुरू हुए थे। हालांकि अधिकारियों ने आर्थिक शिकायतों को स्वीकार किया है, लेकिन उन्होंने हिंसा और तोड़फोड़ करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ सख्त चेतावनी भी दी है। खासकर 8 और 9 जनवरी को हुई हिंसा में बैंकों और सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है।
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रूसी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि रूस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान के रुख को स्पष्ट करने और हालात को बिगड़ने से रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखेगा। दोनों देश अब एक-दूसरे के और करीब आ रहे हैं ताकि पश्चिमी देशों के आर्थिक दबाव का मिलकर मुकाबला किया जा सके। रूस हमेशा से ईरान की संप्रभुता का सम्मान करने और बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ खड़ा होने का पक्षधर रहा है।






