ईरान में तख्तापलट जैसे हालात? राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सौंपा इस्तीफा, IRGC के साथ छिड़ी सत्ता की भीषण जंग
Masoud Pezeshkian Resignation: ईरानी राष्ट्रपति पेजेशक्यान के इस्तीफे की खबरों ने वैश्विक राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, IRGC के बढ़ते हस्तक्षेप से उन्होंने पद छोड़ने की पेशकश की है।
- Written By: अमन उपाध्याय
मसूद पेजेशक्यान, फोटो ( सो. सोशल मीडिया)
Iran President Masoud Pezeshkian Resignation News In Hindi: पश्चिम एशिया की राजनीति में इस वक्त एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान ने कथित तौर पर अपना इस्तीफा देश के सुप्रीम लीडर के कार्यालय को भेज दिया है। इस खबर के सामने आते ही न केवल ईरान के भीतर बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता है तो यह केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं होगा बल्कि ईरान की सत्ता के भीतर चल रहे गहरे सत्ता संघर्ष का सबसे बड़ा सार्वजनिक प्रमाण होगा।
‘मेरे हाथ बंधे हुए हैं’
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्टों के अनुसार, पेजेशकियन ने रविवार को भेजे अपने पत्र में बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि राष्ट्रपति और उनकी चुनी हुई सरकार को देश के बड़े और नीतिगत फैसलों से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है।
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उन्होंने पत्र में लिखा कि मौजूदा परिस्थितियों में वह अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियां निभाने में असमर्थ हैं और उनके पास शासन चलाने के लिए कोई वास्तविक शक्ति नहीं बची है। राष्ट्रपति ने तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने की इच्छा जताई है, जो यह बताता है कि प्रशासनिक गतिरोध अब असहनीय स्तर पर पहुंच चुका है।
क्या है पूरे विवाद की जड़?
इस पूरे विवाद की जड़ में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का बढ़ता प्रभाव बताया जा रहा है। पेजेशकियन का आरोप है कि IRGC के कट्टरपंथी धड़ों ने शासन के महत्वपूर्ण हिस्सों पर अपना प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर लिया है।
पिछले कई महीनों से ऐसी खबरें आ रही थीं कि सैन्य और सुरक्षा एजेंसियां राष्ट्रपति के अधिकारों को सीमित कर रही हैं। इस टकराव के कारण न केवल प्रशासनिक फैसले अटके हुए हैं, बल्कि कैबिनेट में महत्वपूर्ण बदलाव और कूटनीतिक बातचीत भी पूरी तरह ठप पड़ गई है।
ट्रंप ने पहले ही किया दावा
यह संकट ऐसे समय में आया है जब ईरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मोर्चों पर जूझ रहा है। एक तरफ लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से पर्यावरण शुल्क वसूलने की तैयारी में है।
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इसके अलावा, अमेरिका के साथ चल रही संभावित समझौते की बातचीत के बीच इस इस्तीफे ने ईरान की स्थिति को कमजोर कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी पहले ही दावा कर चुके थे कि ईरान का सत्ता ढांचा अंदरूनी तौर पर बेहद बंटा हुआ है।
