क्यों इजरायल का डिमोना कहलाता है ‘लिटिल इंडिया’? जानिए भारत से क्या है इसका दशकों पुराना नाता
Iran Israel War: भारतीय दुकानों और मराठी बोली वाले डिमोना शहर पर हमले का भारत के लिए क्या महत्व है? समझिए वहां रहने वाले भारतीय मूल के यहूदियों और उनके सांस्कृतिक जुड़ाव पर इस युद्ध का मानवीय असर।
- Written By: अमन उपाध्याय
ईरान का इजरायल पर हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Little India Dimona Missile Attack: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, ईरान ने इजरायल के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण शहर डिमोना पर एक भीषण मिसाइल हमला किया है। शनिवार को हुए इस हमले ने पूरे शहर को दहला दिया है। इजरायल के नेगेव रेगिस्तान में स्थित इस शहर को इजरायल की ‘परमाणु नगरी’ भी कहा जाता है लेकिन इसकी एक और विशेष पहचान ‘लिटिल इंडिया’ के रूप में है।
क्यों कहलाता है ‘लिटिल इंडिया’?
डिमोना को ‘लिटिल इंडिया’ कहने के पीछे यहां की जनसांख्यिकी और संस्कृति है। यहां भारतीय मूल के यहूदियों की एक बहुत बड़ी आबादी रहती है। मुख्य रूप से महाराष्ट्र से आए ‘बेने इजरायल’ समाज के लोग यहां दशकों से बसे हुए हैं। यहां की सड़कों पर भारतीय संस्कृति की गहरी छाप दिखती है चाहे वह भारतीय मसालों और किराने की दुकानें हों या भारतीय व्यंजनों वाले रेस्तरां। विशेष बात यह है कि यहाँ रहने वाले बहुत से लोग आज भी मराठी भाषा बोलते हैं और भारतीय त्योहारों को बड़े उत्साह से मनाते हैं।
100 से ज्यादा घायल
ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों के गिरने से हुए जोरदार धमाकों में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घायलों में से कुछ की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में शहर के एक हिस्से से धुएं का गुबार उठता और चारों तरफ तबाही का मंजर देखा जा सकता है।
सम्बंधित ख़बरें
हंगरी में 16 साल के ओर्बन राज का अंत, पीटर मग्यार ने ली प्रधानमंत्री पद की शपथ; क्या अब बदलेगी देश की दिशा?
अगर आप भी जाते हैं हमेशा नेपाल, तो पहले जान लें ये नया नियम… वरना लौटना पड़ सकता है बॉर्डर से वापस
ट्रंप के चीन दौरे से पहले अमेरिका का बड़ा एक्शन, ईरान की मदद करने वाली चीनी कंपनियों पर लगाया बैन
ट्रंप को कोर्ट से तगड़ा झटका! 10% नए टैरिफ को बताया गैरकानूनी, क्या भारत के लिए अब खुलेगा फायदे का रास्ता?
एयर डिफेंस की नाकामी
यह हमला इजरायल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले एयर डिफेंस सिस्टम के लिए एक बड़ी नाकामी माना जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, भारी वॉरहेड वाली 2 ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलें इंटरसेप्टर को चकमा देकर सीधे रिहायशी इलाकों में जा गिरीं। हालांकि, यह हमला डिमोना स्थित इजरायल के प्रमुख न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर के बेहद करीब हुआ लेकिन इजरायली सेना ने स्पष्ट किया है कि मिसाइलें केंद्र से दूर रिहायशी क्षेत्रों में गिरी हैं और परमाणु केंद्र को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
यह भी पढ़ें:- होर्मुज संकट में जापान की ‘एंट्री’, सीजफायर हुआ तो माइंस हटाएगी जापानी सेना; PM ताकाइची का बड़ा फैसला
नतांज हमले का बदला
ईरान ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि यह उसके अपने नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हुए हमले का ‘बदला’ है। इस घटना के बाद न केवल इजरायल में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग दहशत में हैं बल्कि भारत में भी इसे लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है। इजरायल ने इस हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है जिससे क्षेत्र में पूर्ण युद्ध का खतरा और बढ़ गया है।
