‘वॉर क्राइम’ माने जाने वाले क्लस्टर बम का इस्तेमाल? मोजतबा खामेनेई के दौर में ईरान ने क्यों चुना ये रास्ता
Iran Israel War: ईरान ने इजरायल के खिलाफ खतरनाक क्लस्टर बमों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। होलोन और बात याम जैसे शहरों को निशाना बनाने के बाद अब इस युद्ध में 'वॉर क्राइम' की की चर्चा तेज हो गई है।
- Written By: अमन उपाध्याय
मोजतबा खामेनेई के दौर में ईरान ने क्यों चुना क्लस्टर बम, कॉन्सेप्ट फोटो
Iran Cluster Bomb Attack Israel: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब एक अत्यंत विनाशकारी और खतरनाक चरण में प्रवेश कर गया है। ईरान ने इजरायल के साथ जारी युद्ध में अपने सबसे घातक हथियारों में से एक ‘क्लस्टर बम’ का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। मोजतबा खामेनेई के सत्ता संभालने के कुछ ही दिनों बाद ईरान की इस नई सैन्य रणनीति ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है।
इजरायली शहरों पर मिसाइलों की बारिश
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने मध्य इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों की एक नई लहर शुरू की है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पुष्टि की है कि उन्होंने खोर्रमशहर, फत्ताह और खेबार जैसी शक्तिशाली मिसाइलों का उपयोग किया है। इन मिसाइलों को विशेष रूप से क्लस्टर वॉरहेड्स से लैस किया गया था। जिन्होंने होलोन और बात याम जैसे घनी आबादी वाले इजरायली शहरों को निशाना बनाया है। इसके जवाब में, इजरायल रक्षा बलों ने ईरानी सैन्य और अर्धसैनिक ठिकानों, विशेष रूप से IRGC और बासिज से जुड़े ठिकानों पर अपने हवाई हमले और तेज कर दिए हैं।
क्या होते हैं क्लस्टर बम?
क्लस्टर बम पारंपरिक बमों से बिल्कुल अलग होते हैं। एक बड़े विस्फोटक के बजाय, ये अपने भीतर दर्जनों या सैकड़ों छोटे-छोटे बम (सब-म्यूनिशन) ले जाते हैं। जब ये हवा में फटते हैं तो ये छोटे बम एक विशाल क्षेत्र में बिखर जाते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही मचती है।, ईरान की खोर्रमशहर, इमाद और ग़द्र मिसाइल श्रृंखलाओं में ये क्लस्टर वॉरहेड लगे हुए हैं। ये बम जमीन, समुद्र या हवा- कहीं से भी लॉन्च किए जा सकते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
ढाका में भगवान राम की विशाल प्रतिमा पर लगी रोक, धार्मिक स्वतंत्रता पर छिड़ी जंग; बांग्लादेश सरकार पर उठे सवाल
होर्मुज में जहाजों पर हुए हमले, अब भारत ने उठाया सख्त कदम; अमेरिकी राजनयिक को भेजा समन
Afghanistan: बुर्के के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर अंधाधुंध फायरिंग, मासूम सहित दो लोगों की मौत
सुलग रहा यूरोप: प्रवासियों के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों से बढ़ी चिंता, क्या भारतीयों का ‘यूरोपियन ड्रीम’ खतरे में?
इनका सबसे खतरनाक पहलू यह है कि ये जमीन से कई किलोमीटर ऊपर ही सक्रिय हो जाते हैं, जिससे मिसाइल रक्षा प्रणालियों के लिए इन्हें पूरी तरह रोकना लगभग असंभव हो जाता है। कुछ बमों में पैराशूट लगे होते हैं जो उनकी गति धीमी कर देते हैं जिससे प्रभावित क्षेत्र का दायरा और भी बढ़ जाता है।
कैसे होते हैं क्लस्टर हथियार?
ईरान द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ये हथियार कई रूपों में आते हैं। कुछ में धातु के छर्रे होते हैं जो फटने पर नुकीले हथियारों की तरह फैलते हैं। अन्य प्रकारों में ‘फॉस्फोरस’ जैसे ज्वलनशील पदार्थ होते हैं जो लक्षित क्षेत्र में भीषण आग लगा देते हैं। इसके अलावा, कुछ क्लस्टर बम रनवे की सतह को भेदने और विद्युत ग्रिडों को शॉर्ट सर्किट के जरिए ठप करने के लिए भी डिजाइन किए गए हैं।
यह भी पढ़ें:- मोजतबा खामेनेई लापता या जख्मी? ईरान के नए सुप्रीम लीडर पर गहराया रहस्य, इजरायली खुफिया रिपोर्ट ने बढ़ाई टेंशन
क्या है अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध?
क्लस्टर बमों के उपयोग को व्यापक रूप से एक ‘वॉर क्राइम’ माना जाता है। इसका मुख्य कारण यह है कि इनके बिखरने की प्रकृति के कारण बड़ी संख्या में नागरिक मारे जाते हैं। साथ ही, जो छोटे बम तुरंत नहीं फटते, वे जमीन पर पड़े रहकर लंबे समय तक आम जनता के लिए खतरा बने रहते हैं। आज तक दुनिया के 111 देशों ने इनके उपयोग और उत्पादन पर प्रतिबंध लगाने वाली अंतरराष्ट्रीय संधि पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि, ईरान, इजरायल और अमेरिका ने अब तक इस संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
