ईरान में 111 खुफिया सेल तबाह, 4 अमेरिकी जासूस गिरफ्तार (सोर्स-सोशल मीडिया)
Massive Intelligence Operation In Iran: ईरानी सुरक्षा एजेंसियों ने अली लारिजानी की मौत के बाद देश में अमेरिकी और इजरायली जासूसी नेटवर्क को खत्म करने के लिए बड़ी कार्रवाई शुरू की है। ईरान में विशाल खुफिया अभियान के जरिए दुश्मन के सुरक्षित ठिकानों और गुप्त सूचना तंत्रों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है। ईरान के खुफिया मंत्रालय ने नागरिकों से संदिग्ध गतिविधियों और व्यक्तियों की तुरंत सूचना देने की विशेष अपील की है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और भविष्य के किसी भी संभावित हमले को रोकने के उद्देश्य से की गई है।
ईरान के खुफिया मंत्रालय ने बताया कि देश के 26 प्रांतों में फैले 111 रॉयलिस्ट सेल्स की पहचान कर उन्हें पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया है। इन नेटवर्क का मुख्य मकसद देश में अस्थिरता पैदा करना और संवेदनशील सैन्य सूचनाएं दुश्मन देशों तक गुप्त रूप से पहुंचाना था। अधिकारियों का मानना है कि ये समूह राजशाही की बहाली की वकालत करते थे और विदेशी ताकतों के इशारे पर सक्रिय थे।
तसनीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार हमेदान और पश्चिम अजरबैजान प्रांतों से कुल 4 अमेरिकी जासूसों को रंगे हाथों पकड़ा गया है। इन जासूसों पर सुरक्षा बलों के मुख्यालय और सैन्य उपकरणों की तैनाती से जुड़ी गोपनीय जानकारी दुश्मनों को भेजने का गंभीर आरोप है। इनके अलावा 21 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है जो कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क को सूचनाएं भेज रहे थे।
छापेमारी के दौरान ईरानी सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं जिनमें 29 कोल्ट पिस्टल और 2 कलाश्निकोव शामिल हैं। इसके साथ ही 58 मैगजीन भी जब्त की गई हैं जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर सड़कों पर अराजकता और हिंसा फैलाने के लिए होना था। अधिकारियों ने कहा कि देश के भीतर संगठित तरीके से अशांति पैदा करने की एक बहुत बड़ी योजना को विफल कर दिया गया है।
एजेंसियों ने स्टारलिंक के 350 उपकरणों की दो बड़ी खेप भी जब्त करने का दावा किया है जो जासूसों द्वारा उपयोग किए जा रहे थे। ईरानी अधिकारियों का मानना है कि इन सैटेलाइट डिवाइसों का उपयोग अमेरिका और इजरायल के जासूसों द्वारा सुरक्षित संचार के लिए किया जाता था। इन उपकरणों के जरिए जासूस सरकारी सर्विलांस से बचकर अपनी सूचनाएं बिना किसी बाधा के पार पहुंचा रहे थे।
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ईरान के खुफिया मंत्रालय ने देश के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी सरकारी पोर्टल पर दें। मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने के लिए जनता की सतर्कता और समय पर मिला सहयोग बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण है। लारिजानी की हत्या के बाद ईरान अब अपनी आंतरिक सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहता है।