मिसाइल हमलों के बाद तुर्की की सुरक्षा में कूदा NATO; इनसर्लिक एयरबेस पर तैनात होगा घातक पेट्रियट डिफेंस सिस्टम

Iran NATO War: ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को तुर्की द्वारा मार गिराए जाने के बाद NATO ने बड़ा कदम उठाया है। दक्षिणी तुर्की के इन्स्र्लीक बेस पर अब PAC-3 पेट्रियट मिसाइल यूनिट तैनात की जाएगी।
NATO Steps In to Bolster Türkiye's Security Following Missile Attacks; Lethal Patriot Defense System to be Deployed at Incirlik Base
पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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NATO Patriot Missile Deployment Turkiye: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बीच तुर्की की सुरक्षा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) ने तुर्की के दक्षिणी हिस्से में स्थित इनसर्लिक एयरबेस (Incirlik Air Base) पर एक नई पेट्रियट मिसाइल डिफेंस यूनिट तैनात करने का फैसला किया है।

यह निर्णय उन हालिया घटनाओं के बाद लिया गया है जिनमें तुर्की के हवाई क्षेत्र की ओर दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच हवा में ही नष्ट किया गया था। अंकारा का दावा है कि ये मिसाइलें ईरान की ओर से दागी गई थीं।

लगातार हो रहे मिसाइल हमलों से बढ़ा तनाव

तुर्की के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान में युद्ध छिड़ने के बाद से यह तीसरी ऐसी घटना है जब तुर्की को निशाना बनाने की कोशिश की गई है। नाटो की हवाई रक्षा प्रणालियों ने पहली बैलिस्टिक मिसाइल को 4 मार्च को मार गिराया था जिसके बाद 9 मार्च को दूसरी मिसाइल को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया गया। पांच दिन पहले हुई एक और इंटरसेप्शन की घटना ने नाटो और तुर्की को अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के लिए मजबूर कर दिया है।

आसमान में 'लोहे की दीवार'

इनसर्लिक एयरबेस पर तैनात की जा रही यह नई यूनिट PAC-3 सिस्टम से लैस होगी। यह एक उन्नत सतह से हवा में मार करने वाली प्रणाली है, जिसे विशेष रूप से बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। गौरतलब है कि इन्स्र्लीक बेस पर न केवल तुर्की के सैनिक, बल्कि अमेरिका, कतर, स्पेन और पोलैंड के सैन्य कर्मी भी तैनात हैं। इससे पहले, 9 मार्च की घटना के बाद नाटो ने मध्य मालत्या क्षेत्र के कुरेसिक एयरबेस पर भी सुरक्षा बढ़ाई थी, जहां नाटो का 'अर्ली-वार्निंग रडार सिस्टम' स्थित है। यह रडार ईरानी मिसाइल लॉन्च का पता लगाने में सक्षम है और इसे अमेरिकी सैनिकों द्वारा संचालित किया जाता है।

ईरान का इनकार और कूटनीतिक तकरार

इस बीच, तेहरान ने तुर्की पर किसी भी तरह की मिसाइल दागने की बात से साफ इनकार किया है। ईरानी अधिकारियों का सुझाव है कि इन हमलों के पीछे इजरायल का हाथ हो सकता है जो विध्वंसक गतिविधियों के जरिए देशों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उनके पास पुख्ता 'तकनीकी डेटा' मौजूद है। फिदान ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अरागची के साथ बातचीत में ईरान के बयानों और वास्तविक डेटा के बीच के अंतर पर कड़ी चर्चा की है।

अंकारा की कड़ी चेतावनी

नाटो की दूसरी सबसे बड़ी सेना रखने वाले तुर्की ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने क्षेत्र और नागरिकों की सुरक्षा के लिए 'निर्णायक' कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। अंकारा ने तेहरान को किसी भी और हमले के खिलाफ चेतावनी दी है और कहा है कि वह किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का जवाब देने का अधिकार रखता है। हालांकि तुर्की ने अभी तक नाटो के अन्य सदस्यों से औपचारिक रूप से सुरक्षा की गुहार (आर्टिकल 5) नहीं लगाई है लेकिन सीमाओं पर बढ़ती सैन्य हलचल महायुद्ध की आहट को और तेज कर रही है।

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