ईरान की जंग का पाकिस्तान पर ‘जहरीला’ साया, आसमान से बरसी काली बारिश; 900 KM सीमा पार कर रहा धुआं
Tehran Black Rain: ईरान में रिफाइनरियों पर हमलों के बाद उठा जहरीला धुआं अब पाकिस्तान की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने पश्चिमी इलाकों में वायु गुणवत्ता खराब होने की चेतावनी जारी की है।
- Written By: अमन उपाध्याय
तेहरान में उठता काला धुंआ, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran Pakistan Air Quality: ईरान में जारी भीषण सैन्य संघर्ष अब केवल युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसने एक गंभीर पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संकट का रूप ले लिया है। अमेरिका और इजरायल के साथ जारी इस जंग के बीच ईरान के तेल ठिकानों से निकलने वाला जहरीला धुआं अब पड़ोसी देश पाकिस्तान के लिए बड़ा खतरा बन गया है।
पाकिस्तान में ‘वायु प्रदूषण’ का अलर्ट
पाकिस्तान के मौसम विभाग (PMD) ने 10 मार्च से 16 मार्च 2026 के लिए ‘वीकली वेदर आउटलुक’ जारी करते हुए चेतावनी दी है कि ईरान में हुए हवाई हमलों के कारण वहां से उठने वाला धुआं और प्रदूषक तत्व हवा के साथ पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश कर सकते हैं।
विभाग के अनुसार, ईरान से आने वाली हवाएं पाकिस्तान के पश्चिमी हिस्सों में वायु गुणवत्ता को बेहद खराब कर सकती हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान और ईरान के बीच करीब 900 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसके कारण पड़ोसी देश में होने वाली ऐसी घटनाओं का सीधा असर पाकिस्तानी क्षेत्रों पर पड़ता है।
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तेहरान में ‘काली और तैलीय बारिश’
ईरान की राजधानी तेहरान की स्थिति और भी भयावह है। 7 मार्च को तेहरान की रिफाइनरियों और फ्यूल डिपो पर हुए बड़े हवाई हमलों ने शहर को जहरीले अंधेरे में डुबो दिया था। इसके बाद रविवार को वहां काली और तैलीय बारिश दर्ज की गई, जिसने पर्यावरण विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है। तेल डिपो से निकलने वाले घने काले धुएं ने सूरज को पूरी तरह ढक लिया है, जिससे दिन में भी अंधेरा छाया हुआ है।
स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव की चेतावनी
ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने आम जनता के स्वास्थ्य पर गहरी चिंता जताते हुए एक मेडिकल एडवाइजरी जारी की है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि हवा में जहरीले हाइड्रोकार्बन, सल्फर और नाइट्रोजन ऑक्साइड की भारी मात्रा मौजूद है। इससे न केवल सांस लेने में तकलीफ हो रही है, बल्कि केमिकल बर्न और फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचने का भी खतरा है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेल भंडारण ठिकानों पर हमलों के बाद शहरों के ऊपर अभी भी घना काला धुआं छाया हुआ है, जिससे लोगों का दम घुट रहा है। पाकिस्तान के मौसम विभाग ने यह भी बताया कि प्रदूषण के साथ-साथ पश्चिमी पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में 12 मार्च तक बारिश, तेज हवाएं और गरज के साथ तूफान आने की संभावना है जो इन प्रदूषकों के प्रसार को प्रभावित कर सकता है।
