ट्रंप की धमकियों के बीच ईरान का शक्ति प्रदर्शन! 30 मिसाइल साइट्स अब भी एक्टिव, क्या बढ़ेगा तनाव?
Iran Active Missile: अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट ने ट्रंप के दावों की पोल खोल दी है। होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान की 30 मिसाइल साइट्स और 90 फीसदी अंडरग्राउंड सिस्टम अब भी एक्टिव हैं, जिससे तनाव बढ़ गया है।
- Written By: प्रिया सिंह
ईरान की मिसाइल साइट्स (सोर्स-सोशल मीडिया)
30 Iran Active Missile Sites Remain Fully Operational: अमेरिका और इजरायल के बड़े हमलों के बावजूद ईरान की सैन्य ताकत पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। नई खुफिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान की 30 मिसाइल साइट्स अब भी पूरी तरह से ऑपरेशनल हैं। इससे राष्ट्रपति ट्रंप के उन सभी बड़े दावों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिनमें ईरानी सेना के तबाह होने की बात कही गई थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि ईरान की सैन्य ताकत लगभग पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। लेकिन इंटेलिजेंस एजेंसियों की सीक्रेट असेसमेंट में सामने आया है कि ईरान अब भी सुरक्षित है। वह अपनी ज्यादातर महत्वपूर्ण मिसाइल साइट्स और सैन्य ढांचे तक अपनी मजबूत पहुंच लगातार बनाए हुए है।
होर्मुज स्ट्रेट के पास मौजूद हैं मिसाइल साइट्स
रिपोर्ट के मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास मौजूद ईरान की कुल 33 मिसाइल साइट्स में से 30 अब भी एक्टिव हैं। यही वह बेहद संवेदनशील इलाका है जहां से दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल की सप्लाई रोजाना गुजरती है। तनाव बढ़ने पर अमेरिकी युद्धपोतों और तेल टैंकरों पर बहुत बड़ा खतरा लगातार बना रह सकता है।खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान अपने 70 फीसदी मोबाइल मिसाइल लॉन्चर और 70 फीसदी प्री-वॉर स्टॉक बचाने में कामयाब रहा। इनमें खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल हैं, जो पूरे मिडिल ईस्ट में बड़े हमले करने की क्षमता रखती हैं। ईरान के करीब 90 फीसदी अंडरग्राउंड मिसाइल स्टोरेज फिर से पूरी तरह ऑपरेशनल हो चुके हैं।
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अमेरिकी हथियारों का स्टॉक
युद्ध के दौरान अमेरिका ने 1100 लॉन्ग-रेंज क्रूज मिसाइलें, 1000 से ज्यादा टोमहॉक और 1300 से ज्यादा पैट्रियट इंटरसेप्टर दागे थे। इन भारी हथियारों का स्टॉक तेजी से घटा है और उन्हें दोबारा पूरी तरह तैयार करने में कई साल लग सकते हैं। इसी वजह से यूरोपीय देश चिंतित हैं कि यूक्रेन जैसे देशों को हथियारों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इस बीच व्हाइट हाउस अब भी अपनी पुरानी लाइन पर पूरी तरह से कायम है और इस रिपोर्ट को भ्रामक बता रहा है। प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने कहा कि जो लोग मानते हैं कि ईरान ने ताकत खड़ी कर ली है, वे भ्रम में हैं।
