इंडोनेशिया में बाढ़ और लैंडस्लाइड ने उजाड़े तीन प्रांत, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Indonesia Natural Disaster: इंडोनेशिया के कई प्रांतों में जारी भारी बारिश ने तबाही का ऐसा मंजर खड़ा कर दिया है, जिसकी भरपाई में महीनों लग सकते हैं। आचेह, नॉर्थ सुमात्रा और वेस्ट सुमात्रा में आई बाढ़ और लगातार हो रहे लैंडस्लाइड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इन तीनों प्रांतों में अब तक कुल 200 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं।
पश्चिमी सुमात्रा क्षेत्र के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BNPB) के प्रवक्ता इल्हाम वहाब ने शुक्रवार देर रात जानकारी दी कि केवल उनके क्षेत्र में 61 लोगों की मौत रिकॉर्ड की गई है और लगभग 90 लोग अभी भी लापता हैं। एजेंसी द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, नॉर्थ सुमात्रा में स्थिति सबसे भयावह है, जहां 116 लोगों की मौत हो चुकी है। आचेह प्रांत में भी कम से कम 35 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है।
इससे पहले सरकारी न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने BNPB के हवाले से बताया था कि कुल 174 लोगों की मौत हो चुकी है और 79 लोग लापता हैं। हालांकि, मौके पर स्थिति लगातार बदल रही है और संख्या बढ़ रही है। BNPB चीफ सुहार्यंतो ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि कई सड़कें और पुल टूट चुके हैं, जिससे राहत दलों का प्रभावित इलाकों तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है।
उन्होंने कहा कि कई लैंडस्लाइड वाले क्षेत्र ऐसे हैं जहां अभी तक हमारी टीमें पहुंच ही नहीं पाई हैं। हो सकता है वहां और भी पीड़ित हों।
नॉर्थ सुमात्रा में 42 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि 12 लोग घायल हुए हैं। आचेह में भी 25 लोग लापता हैं। लगभग 3,900 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थापित अस्थायी राहत शिविरों में भेजा गया है। बाढ़ और लैंडस्लाइड ने कई जिलों में बड़ी ढांचागत क्षति पहुंचाई है।
इस बीच, BNPB ने प्रभावित प्रांतों में मौसम संशोधन अभियान (Weather Modification Operation) शुरू किया है। इसका उद्देश्य बारिश वाले बादलों को ज्यादा संवेदनशील इलाकों से दूर ले जाना है, ताकि नई आपदाओं को रोका जा सके।
प्राकृतिक आपदा के इस कठिन दौर में गुरुवार सुबह आचेह प्रांत के तट से दूर 6.3 तीव्रता का भूकंप भी दर्ज किया गया, जिसने लोगों में नई दहशत पैदा कर दी। मौसम और भूभौतिकी विभाग (BMKG) के अनुसार, भूकंप का केंद्र सिमेल्यू द्वीप के पास समुद्र में 10 किमी की गहराई पर था। हालांकि राहत की बात यह रही कि भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई।
यह भी पढ़ें:- वैलेंटाइन डे पर प्रपोज…और अब रचाई शादी, यह काम करने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई पीएम बने एंथनी अल्बनीज
इंडोनेशिया का यह संकट यह बताता है कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए अभी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और तेजी से राहत प्रणाली की आवश्यकता है। सरकार ने तीनों प्रांतों में बचाव कार्यों को तेज कर दिया है और सेना सहित कई एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।