इजराइल-ईरान युद्ध (सोर्स- सोशल मीडिया)
Strategic Israel US Military Operation: मध्य पूर्व में युद्ध की लपटें अब और भी तेज हो गई हैं क्योंकि इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर एक बहुत बड़ा हमला बोल दिया है। इस बार रणनीति को बदलते हुए हमला दिन के उजाले में किया गया है जिसने पूरी दुनिया को एक बड़े संकट की ओर धकेल दिया है। रणनीतिक इजराइल अमेरिकी सैन्य अभियान के तहत ईरान के प्रमुख शहरों को निशाना बनाया गया है ताकि उनकी परमाणु शक्ति बनने की कोशिशों को हमेशा के लिए कुचला जा सके। तेहरान की गलियों में आज सिर्फ बारूद की गंध और लोगों के मन में गहरा खौफ समाया हुआ है।
इजराइल ने अपनी पूरी ताकत लगाते हुए तेहरान, क़ोम, खोर्रामाबाद और इस्फहान जैसे महत्वपूर्ण शहरों को मिसाइलों से दहला दिया है जिससे वहां हड़कंप मच गया है। आमतौर पर सैन्य हमले रात के अंधेरे में किए जाते हैं ताकि दुश्मन को संभलने का मौका न मिले लेकिन इस बार रणनीति बिल्कुल अलग नजर आ रही है। सुरक्षा सूत्रों का मानना है कि दिन में हमला करने का मुख्य उद्देश्य ईरान को पूरी तरह से चौंकाना और उसकी रक्षा प्रणाली को ज्यादा नुकसान पहुंचाना है।
इस ऑपरेशन को केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं बल्कि चार दिनों तक चलने वाले एक बहुत बड़े और सुनियोजित ज्वॉइंट मिशन के रूप में देखा जा रहा है। इजराइल और अमेरिका ने इस हमले की तैयारी पिछले कई महीनों से बहुत ही गोपनीयता के साथ की थी जिसे अब धरातल पर उतारा गया है। इस हमले के बाद ईरान के कई हिस्सों में मोबाइल फोन सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं और महत्वपूर्ण सरकारी वेबसाइट्स को भी हैक कर लिया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के तुरंत बाद कड़ा बयान देते हुए कहा है कि वे ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु ताकत नहीं बनने देंगे। उनका कहना है कि ईरान के पास यूरेनियम संवर्धन की क्षमता नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। ट्रंप ने इस अभियान को अपने देश को बचाने के लिए उठाया गया एक बहुत ही आवश्यक और कड़ा कदम करार दिया है।
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आसमान में उड़ती मिसाइलों और धुएं के गुबार के बीच ईरान की जनता अब एक बहुत ही अनिश्चित और डरावने भविष्य की ओर देख रही है जो काफी दुखद है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह युद्ध इसी तरह जारी रहा तो ईरान की हालत भी यूक्रेन जैसी हो सकती है जहां विकास के बजाय सिर्फ बर्बादी नजर आती है। इस युद्ध ने मध्य पूर्व के शांति प्रयासों को एक बड़ा झटका दिया है जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब गहरी चिंता और तनाव में डूबा हुआ है।