डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump First Statement on Iran War: ईरान पर हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहला बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने ईरान को कभी परमाणु शक्ति बनने से रोकने की बात की। ट्रंप ने कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए। उन्होंने यह चेतावनी दी कि सुप्रीम लीडर खामेनेई की सेना को या तो हथियार डालने होंगे, या फिर अमेरिकी हमले का सामना करना होगा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर हमले की जानकारी देते हुए कहा कि,”हमारा मकसद ईरानी सरकार से आने वाले खतरों को समाप्त कर अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा करना है।” उन्होंने जोर देते हुए कहा, “ईरान के पास कभी भी न्यूक्लियर वेपन नहीं हो सकते।” ईरान ने अमेरिका और इजरायल को जवाबी हमले की धमकी दी है।
हम पर हमला कर सकता है ईरान
इससे पहले, जिनेवा में दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों ने डील पर प्रगति होने की बात की थी, लेकिन फिर भी अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया। ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ यह ऑपरेशन अमेरिकी नागरिकों की रक्षा करने और ईरानी शासन से आने वाले खतरों को खत्म करने के लिए किया जा रहा है।
VIDEO | US President Donald Trump says, “A short time ago, the US military began major combat operations in Iran. Our objective is to defend the American people by eliminating imminent threats from the Iranian regime, a vicious group of very hard terrible people. Its menacing… pic.twitter.com/pbAtB7MtHN — Press Trust of India (@PTI_News) February 28, 2026
उन्होंने यह भी कहा कि इस सैन्य ऑपरेशन के कारण अमेरिकी सैनिकों की जान जा सकती है। उनका कहना था कि “ईरानी सरकार हमें मारने की कोशिश कर सकती है और हमारे बहादुर सैनिकों की जान जा सकती है।” हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कदम भविष्य के खतरों को रोकने के लिए उठाया गया है और इसे एक नेक मिशन बताया।
‘ईरानी नौसेना को खत्म कर देंगे’
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा कि वे ईरान की मिसाइल इंडस्ट्री और नौसेना को नष्ट करने का इरादा रखते हैं। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ईरान का “आतंकी प्रॉक्सी” संगठन अब इस इलाके या दुनिया को अस्थिर न कर सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान जल्द ही ऐसी मिसाइलें बना सकता है, जो अमेरिका तक पहुंच सकती हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि ईरान के पास कभी भी न्यूक्लियर वेपन न हो।
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इसके अलावा, इजरायल ने भी तेहरान में कई स्थानों पर हमले किए, जिनमें खुफिया मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और परमाणु ऊर्जा संगठन के परिसर शामिल थे। तेहरान के उत्तरी सैय्यद खानदान इलाके में भी धमाके हुए। ट्रंप ने कहा कि इस संयुक्त सैन्य हमले का उद्देश्य ईरानी शासन से उत्पन्न खतरों को खत्म करना था, जिससे अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।