होर्मुज स्ट्रेट के जोन से सुरक्षित मुंबई पहुंचा तेल टैंकर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
How Oil Tanker Reached Mumbai During Iran Israel War: ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों के कारण पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इस भीषण सैन्य संघर्ष के बीच भारत के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है।
रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील और ‘असली युद्ध का मैदान’ बने Strait of Hormuz को पार कर भारत का एक तेल टैंकर बुधवार को सुरक्षित मुंबई बंदरगाह पहुंच गया है। ऐसे समय में जब होर्मुज स्ट्रेट से किसी भी जहाज का गुजरना लगभग असंभव माना जा रहा है भारत के इस टैंकर का सुरक्षित निकलना एक बड़ी सफलता है।
इस खतरनाक समुद्री रास्ते को पार करने में जहाज के भारतीय कप्तान की सूझबूझ ने सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। होर्मुज स्ट्रेट के ‘हाई-रिस्क जोन’ से गुजरते समय जहाज ने अपनी पहचान छिपाने के लिए डार्क मोड’ का सहारा लिया।
इसके तहत जहाज ने अपने ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) को कुछ समय के लिए बंद कर दिया था। AIS एक ऐसा नेविगेशन सिस्टम है जो जहाज की पहचान, लोकेशन और आवाजाही की जानकारी तटीय अधिकारियों और अन्य जहाजों को देता है। इसे बंद करने के बाद समुद्र में जहाज की लोकेशन को ट्रेस करना लगभग नामुमकिन हो जाता है। टैंकर ट्रैकर प्लेटफार्म्स के अनुसार, इस जहाज का आखिरी सिग्नल 9 मार्च को दर्ज हुआ था जिसके बाद यह सीधे मुंबई में डॉक होने पर ही रडार पर दिखाई दिया।
मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के अनुसार, इस टैंकर का नाम ‘शेनलोंग सुएजमैक्स’ है जो लाइबेरिया के झंडे के तले अपनी यात्रा कर रहा था। यह टैंकर सऊदी अरब के रास तनूरा बंदरगाह से रवाना हुआ था और इसमें 1,35,335 मीट्रिक टन कच्चा तेल लदा हुआ है। वर्तमान में मुंबई बंदरगाह पर तेल की अनलोडिंग शुरू कर दी गई है जिसे पाइपलाइनों के जरिए शहर की रिफाइनरियों तक पहुंचाया जाएगा।
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार की जीवनरेखा है, जहां से दुनिया की कुल तेल खपत का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। ईरान ने वर्तमान में इस रास्ते को बंद कर रखा है जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। पिछले दो हफ्तों के भीतर ईरान इस क्षेत्र में कम से कम 16 जहाजों पर हमला कर चुका है। बुधवार को ही गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहे एक थाई जहाज पर हमला हुआ, जिस पर भारत ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
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भारत सरकार ने जानकारी दी है कि वर्तमान में फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारत के झंडे वाले कुल 28 जहाज मौजूद हैं। इनमें से 24 जहाज होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में हैं जिन पर 677 भारतीय नाविक तैनात हैं, जबकि 4 जहाज पूर्व की ओर हैं। भारतीय अधिकारियों के लिए इन नाविकों और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।