संकट में ईरान ने निभाई दोस्ती: होर्मुज के रास्ते मुंबई पहुंचा पहला क्रूड ऑयल टैंकर, खत्म होगी LPG की किल्लत!

India First Oil Shipment Strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर टैंकर 'शेनलोंग' मुंबई पहुंच गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य से इसे ईरान ने क्लियरेंस दिया है।
Crude Oil Tanker Shenlong Mumbai
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Crude Oil Tanker Shenlong Mumbai: मध्य-पूर्व (Middle East) में ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी भीषण संघर्ष और तनावपूर्ण हालातों के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। महीनों से कच्चे तेल की किल्लत और एलपीजी (LPG) के लिए मची हाहाकार के बीच, पहला कच्चा तेल टैंकर 'शेनलोंग' (Shenlong) सुरक्षित रूप से मुंबई के बंदरगाह पर पहुंच गया है। लाइबेरियाई ध्वज वाला यह विशाल टैंकर सऊदी अरब के 'रास तनुरा' (Ras Tanura) बंदरगाह से कच्चा तेल लेकर चला था। युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही पर लगे कड़े प्रतिबंधों के बीच इस टैंकर का भारत पहुंचना एक बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है।

खास बात यह है कि इस क्रूड ऑयल टैंकर की कमान एक भारतीय कप्तान के हाथों में थी। ईरान द्वारा होर्मुज के संकरे समुद्री रास्ते में इस टैंकर को 'क्लियरेंस' मिलना भारत और ईरान के बीच की गहरी दोस्ती का प्रमाण माना जा रहा है। पिछले कई हफ्तों से भारत में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित थी और ग्राहकों को 25-25 दिनों की वेटिंग का सामना करना पड़ रहा था। इस खेप के आने से अब रिफाइनरियों में काम तेजी से शुरू होगा और घरेलू व कमर्शियल गैस की किल्लत जल्द खत्म होने की उम्मीद है।

होर्मुज में ईरान का सहयोग और भारत की राहत

ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू होने के बाद से 'स्ट्रैट ऑफ होर्मुज' दुनिया का सबसे खतरनाक समुद्री इलाका बन गया था। यह रास्ता वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माना जाता है। संकट के इस दौर में ईरान ने भारत के प्रति अपनी 'दोस्ती' निभाते हुए भारतीय चालक दल वाले इस टैंकर को रास्ता दिया। सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार ने ईरान के साथ उच्च स्तरीय कूटनीतिक बातचीत की थी, ताकि देश में ऊर्जा संकट को गहराने से रोका जा सके। 'शेनलोंग' टैंकर के मुंबई पहुंचने की ताजा तस्वीरों ने बाजार में सकारात्मक संदेश भेजा है।

लाखों टन कच्चे तेल की खेप और आपूर्ति श्रृंखला

टैंकर 'शेनलोंग' लाखों बैरल कच्चे तेल से लदा हुआ है। मुंबई पोर्ट पर इस तेल को उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके बाद इसे सीधे रिफाइनरियों में पाइपलाइन के जरिए भेजा जाएगा। पेट्रोलियम विशेषज्ञों का मानना है कि इस एक खेप से महाराष्ट्र और आसपास के राज्यों में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में आ रही रुकावट काफी हद तक दूर हो जाएगी। पिछले कुछ दिनों से जो होटल व्यवसायी चूल्हा जलाने पर मजबूर थे और घरवाले रिफिल के लिए भटक रहे थे, उनके लिए यह खबर किसी संजीवनी से कम नहीं है।

क्या अब कम होंगे गैस के दाम?

तेल की इस ताजा खेप के आने से आपूर्ति में तो सुधार होगा, लेकिन क्या अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भी कम होंगी, यह अभी एक बड़ा सवाल है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि आपूर्ति बहाल होने से घरेलू बाजार में 'आर्टिफिशियल स्कैरसिटी' (कृत्रिम कमी) के कारण हो रही कालाबाजारी पर लगाम लगेगी। सरकार अब अन्य देशों से भी इसी तरह सुरक्षित कॉरिडोर के जरिए तेल मंगाने की योजना पर काम कर रही है। मुंबई पोर्ट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और कोस्ट गार्ड इस टैंकर की निगरानी कर रहे हैं।

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