भारत और सऊदी अरब ने आतंकवाद के खिलाफ बढ़ाया हाथ, रियाद में सुरक्षा सहयोग पर हुई बड़ी बैठक

Counter-Terrorism Strategic Security: भारत और सऊदी अरब ने रियाद में हुई सुरक्षा वर्किंग ग्रुप की बैठक में सीमा पार आतंकवाद और कट्टरपंथ से निपटने के लिए आपसी सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प लिया है।
India and Saudi Arabia Strengthen Counter-Terrorism Ties and Strategic Security Cooperation
आतंकवाद के खिलाफ रियाद में सुरक्षा सहयोग पर बैठक (सोर्स-सोशल मीडिया)
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India Saudi Strategic Security Cooperation: भारत और सऊदी अरब ने हाल ही में रियाद में सुरक्षा वर्किंग ग्रुप की तीसरी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद की उभरती चुनौतियों और सुरक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत बनाना था। भारत सऊदी रणनीतिक सुरक्षा सहयोग के तहत दोनों देशों ने शांति और स्थिरता के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह बैठक भविष्य में सुरक्षा संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

रियाद में महत्वपूर्ण बैठक

भारत-सऊदी अरब सामरिक साझेदारी परिषद (SPC) के तहत सुरक्षा वर्किंग ग्रुप की तीसरी बैठक बुधवार को रियाद में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय मीटिंग की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. विनोद बहाडे और सऊदी अरब के अहमद अल-ईसा ने की। दोनों प्रतिनिधियों ने आपसी सुरक्षा हितों और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर विस्तार से गहन चर्चा की।

आतंकवाद की कड़ी निंदा

दोनों पक्षों ने आतंकवाद के सभी रूपों की पुरजोर निंदा करते हुए सीमा पार से होने वाले हमलों पर अपनी गहरी चिंता जताई। बैठक में 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम और 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुए हमलों का विशेष जिक्र किया गया। इन हमलों में मारे गए बेगुनाह नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए आतंकवाद को जड़ से मिटाने की बात कही गई।

उभरती चुनौतियों पर चर्चा

सुरक्षा सहयोग की समीक्षा के दौरान दोनों देशों ने दुनिया और अपने क्षेत्रों में सक्रिय आतंकवादी समूहों से पैदा होने वाले खतरों पर बात की। इसमें कट्टरपंथ का मुकाबला करने, आतंकवाद की फाइनेंसिंग रोकने और तकनीक के गलत इस्तेमाल को रोकने जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल थे। अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच बढ़ते खतरनाक संबंधों को खत्म करने के लिए ठोस रणनीति बनाने पर सहमति बनी।

कानूनी और न्यायिक सहयोग

बैठक में द्विपक्षीय कानूनी और न्यायिक सहयोग के साथ-साथ कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ। दोनों देशों ने महसूस किया कि प्रभावी न्याय प्रणाली और सूचनाओं का आदान-प्रदान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में काफी मददगार साबित होगा। यह सहयोग दोनों राष्ट्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

SPC का विस्तार

पिछले साल अप्रैल में भारत और सऊदी अरब ने अपनी सामरिक साझेदारी परिषद (SPC) के दायरे को बढ़ाते हुए दो नई मंत्रालय कमेटियां शामिल की थीं। इनमें से एक कमेटी रक्षा सहयोग के लिए बनाई गई है, जबकि दूसरी कमेटी पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है। यह विस्तार दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे और विविधीकृत होते संबंधों को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

भविष्य की रूपरेखा

सुरक्षा वर्किंग ग्रुप की अगली बैठक आपसी सहमति से तय की गई तारीख पर भारत में आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रगति की समीक्षा होगी। रियाद में हुई इस वार्ता ने भारत और सऊदी अरब के बीच रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत की है। दोनों देश मिलकर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध नजर आ रहे हैं।

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