क्या शुरू होने वाला है परमाणु युद्ध? US एजेंसियों ने भारत-पाक को लेकर क्यों दी ये बड़ी चेतावनी, जानिए सबकुछ
India Pak Nuclear Conflict: अमेरिकी खुफिया विभाग की रिपोर्ट में भारत-पाक के बीच परमाणु संघर्ष के खतरे की चेतावनी दी गई है। इसमें आतंकी हमलों और पाकिस्तानी मिसाइल कार्यक्रम पर गंभीर चिंता जताई गई है।
- Written By: अमन उपाध्याय
अमेरिकी खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US Report On India Pakistan Conflict: दुनिया के दो प्रमुख परमाणु शक्ति संपन्न पड़ोसियों, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर वैश्विक चर्चा का विषय बन गया है। अमेरिकी खुफिया समुदाय की ओर से जारी एक नई वार्षिक रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु संघर्ष का खतरा आज भी वास्तविक है। बुधवार को अमेरिकी सीनेट में पेश की गई इस 34 पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच मौजूदा तनावपूर्ण संबंधों के चलते युद्ध की परिस्थितियां बनी हुई हैं।
आतंकी हमले बन सकते हैं संघर्ष की बड़ी वजह
अमेरिकी खुफिया विभाग के आकलन के अनुसार, हालांकि भारत और पाकिस्तान सीधे तौर पर एक बड़ा युद्ध शुरू करना नहीं चाहते हैं, लेकिन ऐसी कई परिस्थितियां मौजूद हैं जो संघर्ष को भड़का सकती हैं। रिपोर्ट में विशेष रूप से ‘आतंकवादी तत्वों’ की भूमिका पर जोर दिया गया है।
दस्तावेज में कहा गया है कि पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के पास हुए आतंकवादी हमले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में भी बड़े सैन्य टकराव का कारण बन सकती हैं। अमेरिकी रिपोर्ट यह संकेत देती है कि भले ही नेतृत्व शांति चाहता हो, लेकिन आतंकवादी समूहों की गतिविधियों पर नियंत्रण न होना परमाणु तनाव को बढ़ा सकता है।
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अमेरिका के लिए भी खतरा
इस रिपोर्ट में केवल भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका की अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है। राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने सांसदों को जानकारी दी कि पाकिस्तान द्वारा विकसित की जा रही लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें संभावित रूप से अमेरिका को भी निशाना बनाने में सक्षम हो सकती हैं।
गबार्ड के अनुसार, अमेरिका को होने वाले मिसाइल खतरों की संख्या वर्तमान में 3,000 से बढ़कर 2035 तक 16,000 से अधिक होने की संभावना है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि पाकिस्तान के साथ-साथ रूस, चीन, उत्तर कोरिया और ईरान भी उन्नत मिसाइल प्रणालियों और परमाणु पेलोड पर शोध कर रहे हैं।
पाकिस्तान और तालिबान के बीच बढ़ता तनाव
रिपोर्ट में दक्षिण एशिया की एक और बड़ी अस्थिरता का जिक्र किया गया है पाकिस्तान और तालिबान के बीच के संबंध। इस्लामाबाद इस बात से काफी निराश है कि अफगानिस्तान में अब भी पाकिस्तान विरोधी आतंकवादी समूहों की मौजूदगी बनी हुई है। इसके कारण सीमा पार झड़पें और आतंकवादी हिंसा लगातार बढ़ रही है जिससे इस पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था नाजुक बनी हुई है।
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सुरक्षित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता
तुलसी गबार्ड ने जोर देकर कहा कि अमेरिका की सुरक्षित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता ही सामरिक खतरों से देश की रक्षा सुनिश्चित करती है। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप ने पूर्व में परमाणु तनाव को कम करने में मदद की थी लेकिन भविष्य के संकटों को लेकर वैश्विक समुदाय को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
