भारत और नामीबिया के बीच ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध (सोर्स-सोशल मीडिया)
Historical strategic partnership India Namibia: भारत और नामीबिया के बीच कूटनीतिक संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं बल्कि इनकी जड़ें इतिहास में बहुत गहरी हैं। दोनों देशों ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक आर्थिक विकास तक एक-दूसरे का भरपूर समर्थन और सहयोग किया है। यह ऐतिहासिक रणनीतिक साझेदारी भारत नामीबिया आज संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक मजबूत रणनीतिक गठबंधन के रूप में उभरी है। हाल के वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी को मिले सर्वोच्च सम्मान ने इस ऐतिहासिक मित्रता को नई और वैश्विक ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
भारत ने 1946 में संयुक्त राष्ट्र में नामीबिया की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाकर अपने समर्थन की पहली बड़ी छाप छोड़ी थी। नामीबिया के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारत एक भरोसेमंद साथी रहा और दोनों के बीच रणनीतिक संबंध हमेशा अटूट रहे। नामीबिया लगभग 8.25 लाख वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र वाला देश है जिसकी जनसंख्या लगभग 3,126,347 के आसपास है।
वर्ष 1990 में नामीबिया की आजादी के बाद दोनों देशों ने औपचारिक रूप से राजनयिक संबंध स्थापित कर लिए थे। विंडहोक में भारतीय उच्चायोग की स्थापना ने दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक तालमेल को और अधिक बढ़ाया है। ये देश संयुक्त राष्ट्र, गुटनिरपेक्ष आंदोलन और कॉमनवेल्थ जैसे महत्वपूर्ण मंचों पर एक-दूसरे का रणनीतिक समर्थन करते रहते हैं।
नामीबिया प्राकृतिक संसाधनों से बेहद समृद्ध देश है जहां खनिज, ऊर्जा और समुद्री संसाधनों का एक विशाल भंडार मौजूद है। भारत वहां से यूरेनियम, हीरे, कीमती पत्थर, तांबा, जिंक और पेट्रोलियम जैसे महत्वपूर्ण उत्पादों का बड़ी मात्रा में आयात करता है। इसके अलावा समुद्री उत्पादों और मशीनरी के आयात से भारत की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में बड़ी मदद मिलती है।
भारत से नामीबिया को पेट्रोलियम उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, वाहन, चावल, गेहूं और रक्षा उपकरण जैसेजरूरी सामान का निर्यात किया जाता है। भारतीय कंपनियां नामीबिया के माइनिंग, एनर्जी, हेल्थकेयर और आईटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सक्रिय रूप से बड़ा निवेश कर रही हैं। यह आर्थिक सहयोग न केवल व्यापार बढ़ा रहा है बल्कि नामीबिया के बुनियादी ढांचे के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
नामीबिया में भारतीय संस्कृति के प्रति काफी सम्मान है और वहां योग एवं आयुर्वेद को बहुत रुचि के साथ देखा जाता है। हालांकि वहां भारतीय समुदाय की आबादी छोटी है, फिर भी वे सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा और छात्रवृत्ति कार्यक्रमों के माध्यम से दोनों देशों के युवाओं के बीच कूटनीतिक संबंध और भी बेहतर एवं मजबूत हो रहे हैं।
यह भी पढ़ें: टैरिफ के डर से रूस से तेल नहीं खरीद रहा भारत…ट्रंप के मंत्री का दावा, बोले- निशाने पर चीन-यूरोप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नामीबिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेलविट्शिया मिराबिलिस’ से नवाजा जा चुका है। यह सम्मान दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियों और आपसी विश्वास का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण प्रमाण माना जाता है। आने वाले समय में ऊर्जा और खनिज सुरक्षा के क्षेत्र में यह साझेदारी दोनों देशों के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
Ans: भारत और नामीबिया के संबंध बहुत पुराने हैं, जहां भारत ने 1946 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र में नामीबिया की आजादी का मुद्दा उठाया था।
Ans: प्रधानमंत्री मोदी को नामीबिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेलविट्शिया मिराबिलिस' से सम्मानित किया गया है।
Ans: भारत मुख्य रूप से नामीबिया से यूरेनियम, हीरे, तांबा, जिंक, कीमती पत्थर और पेट्रोलियम जैसे प्राकृतिक संसाधनों का आयात करता है।
Ans: भारतीय कंपनियां नामीबिया के माइनिंग (खनन), एनर्जी, हेल्थकेयर और आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सक्रिय रूप से निवेश कर रही हैं।
Ans: नामीबिया का कुल क्षेत्रफल लगभग 8.25 लाख वर्ग किलोमीटर है और वर्ल्डमीटर के अनुसार इसकी जनसंख्या लगभग 3,126,347 के आसपास है।