भारत-इंडोनेशिया के बीच समझौते, ब्रह्मोस डील पर मुहर; PM मोदी ने किया ऐलान
PM Modi Indonesia: जकार्ता में भारत-इंडोनेशिया के बीच 20 समझौते हुए। ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल डील पर सहमति बनी। PM मोदी ने साझा विरासत, व्यापार और समुद्री साझेदारी को नई दिशा देने की बात कही।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो (सोर्स-सोशल मीडिया)
PM Modi Indonesia Jakarta Visit On BrahMos Deal: भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों में मंगलवार को एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। जकार्ता में दोनों देशों के बीच कुल 20 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील की रही। पिछले चार महीनों से चल रही बातचीत के बाद भारत ने इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त यूनिट देने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के बाद ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन गया है। इतना ही नहीं, इंडोनेशिया ने ऑपरेशन सिंदूर में प्रभावी साबित हुई भारत की स्वदेशी ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का भी फैसला किया है।
रक्षा सहयोग के अलावा दोनों देशों ने लोकतांत्रिक और तकनीकी साझेदारी को भी नई दिशा दी है। भारत, इंडोनेशिया के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) विकसित करने में सहयोग करेगा। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया, जिसे उन्होंने दोनों देशों की गहरी मित्रता का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री ने इंडोनेशियाई संसद को संबोधित करते हुए साझा विरासत, लोकतंत्र और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। अपने दौरे के दौरान वे भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगे और बुधवार को इंडोनेशिया के प्रसिद्ध एक हजार वर्ष पुराने प्रम्बानन हिंदू मंदिर के दर्शन करेंगे। यह दौरा भारत-इंडोनेशिया संबंधों को रणनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला माना जा रहा है।
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विकसित भारत-2047 के लक्ष्य साथ हासिल करेंगे-PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया के दौरे पर वहां की संसद को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और इंडोनेशिया दोनों ने ही आजादी का सफर एक साथ शुरू किया था। तो वहीं दोनों देश अब आजादी के 100 साल भी लगभग एक साथ ही पूरे करेंगे। आपको बता दें की इंडोनेशिया 2045 विजन पर काम कर रहा है, तो वहीं भारत विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने के साथ आगे बढ़ रहा है। जिससे दोनों ही देश अपने-अपने लक्ष्य प्राप्त करने में एक-दूसरे के पूरक बन सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा हम दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में हैं।
हमारे देश की अर्थव्यवस्थाएं दुनिया भर में सबसे तेजी से आगे की ओर बढ़ने वाली बड़ी विकसित अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। तो वहीं हम सभी प्रमुख समुद्री शक्तियां भी हैं। हम प्राचीन सभ्यताएं हैं और भविष्य के प्राकृतिक सहयोगी भी हैं। उन्होंने आगे कहा कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ उनकी बातचीत भी इसी सोच पर केंद्रित रही। जिससे हमारा लक्ष्य साफ है कि हम दोनों भारत और इंडोनेशिया के आपसी भरोसे को दोनों देशों के नागरिकों के लिए नए अवसरों में बदला जाएगा।
रामायण और महाभारत से जुड़े हैं दोनो देश- PM बोले
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों का रिश्ता केवल समुद्री सीमाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि हजारों वर्षों पुरानी साझा विरासतों से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि रामायण और महाभारत जैसी महान भारतीय परंपराएं आज भी इंडोनेशिया की संस्कृति में जीवंत हैं।
बोरोबुदुर और प्रांबानन जैसे विश्व प्रसिद्ध स्मारक दोनों देशों की सांस्कृतिक संबंधो के प्रतीक हैं। वहीं इंडोनेशिया का राष्ट्रीय प्रतीक ‘गरुड़’ भी भारत से जुड़े गहरे सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने बाली जात्रा जैसे पारंपरिक उत्सवों का जिक्र करते हुए कहा कि ये आयोजन दोनों देशों की साझा विरासत और ऐतिहासिक जुड़ाव को मजबूत करते हैं।
इंडोनेशिया का ‘क्रुपुक’ ज्यादा कुरकुरा है या भारत का ‘पापड़’
हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने कहा कि यह तय करना मुश्किल है कि इंडोनेशिया का लोकप्रिय ‘क्रुपुक’ ज्यादा कुरकुरा है या भारत का ‘पापड़’। प्रधानमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि सदियों पहले गुजरात से व्यापारी और सूफी संत समुद्री मार्ग के जरिए इंडोनेशिया पहुंचे थे। वे अपने साथ व्यापारिक संबंधों के अलावा इस्लाम के विचार, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक परंपराओं को भी लेकर आए थे।
भारत-इंडोनेशिया के संबंधों को ऊंचाइयों पर ले जाएंगे
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि पिछले कुछ दशकों में इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था में काफी तेजी से विकास हुआ है। तो वहीं भारत भी आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे पूरा भरोशा है कि हम भारत और इंडोनेशिया दोनो के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि पिछले एक दशक में भारत और इंडोनेशिया के बीच का व्यापार बढ़कर लगभग 25 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वर्तमान के समय में पूरा विश्व अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की क्षमता को मानने लगी है। तो वहीं भारत, इंडोनेशिया को इस क्षेत्र में अपना अहम साझेदार मानता है। और इंडोनेशिया तो कई सालों भारत का हर मदद में सहयोगी रहा है। हमारा भारत भी उसके कई सैटेलाइटों को लॉन्च कर चुका है।
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भारत और इंडोनेशिया के बीच का समुद्र एक सेतु है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को समुद्र के द्वारा जुड़े विश्वास, इतिहास और साझेदारी का प्रतीक बताते हुए कहा कि दोनों देशों की राजधानियां भले ही हजारों किलोमीटर दूर हों, लेकिन समुद्र में हमारे बीच केवल करीब 150 किलोमीटर दूरी है।
उन्होंने आगे कहा कि दुनिया के कई देशों के लिए समुद्र दूरी का कारण हो सकता है, लेकिन भारत और इंडोनेशिया के लिए यही समुद्र एक मजबूत सेतु है।प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत और इंडोनेशिया एक साथ भविष्य की नई साझेदारी की ओर बढ़ रहे हैं। आने वाले 25 वर्ष दोनों देशों के विकास और सहयोग के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों से दोनों देशों के जहाज व्यापार, संस्कृति और सभ्यता का संदेश दूर-दूर तक पहुंचाते रहे हैं।
