कैबिनेट विस्तार की सुगबुगाहट के बीच अनुभवी अफसरों पर मोदी सरकार का भरोसा; इनको मिल सकती है अहम जिम्मेदारी
Modi Cabinet Expansion: पीएम नरेंद्र मोदी के संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हैं। अनुभवी व प्रदर्शन के आधार पर बेहतर माने जाने वाले सेवानिवृत्त नौकरशाहों को अहम जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
- Written By: स्निग्धा श्रीवास्तव
मोदी कैबिनेट विस्तार (सोर्स- सोशल मीडिया)
Modi Cabinet Expansion 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभावित कैबिनेट विस्तार की चर्चा राजनीतिक हलकों में जोरों पर है। सूत्रों के अनुसार इस बार मंत्रिमंडल में अनुभवी रिटायर्ड नौकरशाहों को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। केंद्र सरकार का फोकस ‘परफॉर्मेंस’ और ‘लॉयल्टी’ पर है।
फाइल क्लियरेंस, प्रोजेक्ट डिलीवरी, खर्च प्रबंधन की दक्षता और शिकायत निवारण जैसे पैमानों पर जो खरे उतरने वाले अफसरों को पीएम नरेंद्र मोदी जल्दी रिटायर नहीं होने देते।
चर्चा में है ये बड़े नाम
सूत्र के अनुसार शक्तिकांत दास और तपन डेका जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के नाम फिलहाल चर्चा में हैं। इनके अलावा भी कुछ अनुभवी अफसरों को अहम जिम्मेदारियां मिलने की अटकलें तेज हैं। मोदी सरकार में सेवानिवृत्त अधिकारियों को सेवा विस्तार और नई भूमिका मिलना व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है। उनकी यह व्यवस्था से नीतिगत निरंतरता बनी रहती है।
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पहले की सरकारों में ऐसे प्रयोग कभी-कभी होते थे लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में यह व्यवस्था लगातार चलती रहती है। सेवानिवृत्त अधिकारियों को सेवा विस्तार मिलना मोदी सरकार में आम बात हो गई है।
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अनुभव, निष्ठा और परिणाम पर केंद्र सरकार का जोर
दशकों का प्रशासनिक अनुभव, जटिल नीतियों की गहरी समझ और संकट के समय अनुभवी नेतृत्व के शानदार प्रदर्शन पर आधारित मूल्यांकन मोदी सरकार की प्राथमिकता रही है। यही वजह है कि रिटायर लोगों को अहम जिम्मेदारी दी जाती है। केंद्र की मोदी सरकार का जोर हमेशा से अनुभव, निष्ठा और परिणाम पर रहा है।
फाइल क्लियरेंस, प्रोजेक्ट डिलीवरी, खर्च प्रबंधन की दक्षता और शिकायत निवारण जैसे बड़ें पैमानों पर अधिकारियों को स्कोर कार्ड निर्धारित किया जाता है। हालांकि इस मॉडल की कई बार आलोचना भी की जाती है। क्योंकि आलोचकों के अनुसार अत्यधिक सेवा विस्तार से नए अधिकारियों के पदोन्नति के अवसर कम हो जाते है।
विदेशों में भी अपनाया जाता है मॉडल
पूराने और जिम्मेदार अफसरो का कार्यकाल बढ़ाने का रिवाज सिर्फ भारत में ही नहीं है बल्कि यह मॉडल सिंगापुर में भी प्रचलित है। यहां स्थायी सचिव रिटायरमेंट के बाद सरकारी कंपनियों और नीति आयोगों का नेतृत्व करते हैं। अमेरिका में भी सेवानिवृत्त जनरल जेम्स मैटिस और लॉयड ऑस्टिन ने रक्षा मंत्री का कार्यभार संभाला और पूर्व फेड चेयर जेनेट येलेन वित्त मंत्री बनीं। जेरोम पॉवेल केंद्रीय बैंक का नेतृत्व कर रहे हैं तो वहीं पूर्व अधिकारी नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल, थिंक टैंक और विशेष दूत के रूप में कार्यरत है।
