मेलिसा में तूफान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Jamaica Melissa Cyclone Relief: मेलिसा तूफान ने जमैका में भारी तबाही मचाई है, जिसके बाद राहत और पुनर्वास की दिशा में भारत एक बार फिर वैश्विक मानवीय सहयोग का मजबूत उदाहरण बनकर सामने आया है। भारत ने न केवल सरकारी स्तर पर बल्कि सामुदायिक सहयोग के माध्यम से भी जमैका को महत्वपूर्ण मदद पहुंचाई है।
इसी क्रम में किंग्स्टन में भारतीय समुदाय और भारतीय उच्चायोग की टीम ने सेंट एलिजाबेथ पैरिश सहित कई प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाई।
भारतीय समुदाय ने इस राहत अभियान में अभूतपूर्व योगदान दिया है। समुदाय की ओर से 32 लाख डॉलर से अधिक की राशि जुटाई गई, जिसके माध्यम से 550 से अधिक केयर पैकेज, स्टोव, कपड़े, स्कूल बैग, स्वच्छता किट और अन्य आवश्यक सामग्री तैयार कर प्रभावित परिवारों तक वितरित की गई। यह सहायता सेंट एलिजाबेथ, वेस्टमोरलैंड और ब्लैक रिवर के गंभीर रूप से प्रभावित इलाकों में पहुंचाई गई।
किंग्स्टन स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारतीय समुदाय की इस एकजुटता की सराहना की और इसे ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ यानी दुनिया एक परिवार है इस भारतीय दर्शन का सजीव उदाहरण बताया। उच्चायोग ने यह भी कहा कि भारत जमैका के राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण प्रयासों में हर संभव समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
राहत वितरण टीम में भारतीय उच्चायुक्त मयंक जोशी और जमैका के कृषि, मत्स्य पालन एवं खनन मंत्री फ्लॉयड ग्रीन भी शामिल हुए। इस अभियान का नेतृत्व गुल मनसुखानी ने किया, जिन्होंने स्थानीय प्रशासन और समुदाय के साथ समन्वय कर राहत कार्यों को गति दी।
भारत सरकार ने भी इस संकट की घड़ी में जमैका को सीधी मानवीय सहायता भेजी। भारतीय वायु सेना के सी-17 विमान के माध्यम से 20 टन मानवीय और आपदा राहत (HADR) सामग्री किंग्स्टन पहुंचाई गई। इस सामग्री में भीष्म मेडिकल ट्रॉमा यूनिट, जनरेटर, टेंट, बिस्तर, चटाई, रसोई किट, सौर लालटेन, स्वच्छता किट और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं, जो तूफान के बाद की आपात जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
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भारतीय उच्चायोग ने दोहराया कि भारत हमेशा जरूरत के समय न केवल जमैका बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों के साथ खड़ा रहता है। इस व्यापक सहयोग ने दो राष्ट्रों के बीच मानवीय साझेदारी को और मजबूत किया है।