आसिम मुनीर पर भड़की पाकिस्तानी जनता (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pakistani Troll Asim Munir on Attack Afghanistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव और सीमा पर होने वाली छिटपुट झड़पें अब खुले युद्ध का रूप लेने लगी हैं। शुक्रवार रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और कंधार पर हवाई हमले किए। अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार इन हमलों में कई महिलाएं और बच्चे घायल और मारे गए।
पाकिस्तानी सरकार ने दावा किया है कि उनके ऑपरेशनों में अफगान तालिबान के 133 लड़ाको मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए। वहीं अफगान सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पकतिका, पकतिया, खोस्त, नंगरहार, कुनार और नूरिस्तान प्रांतों में पाकिस्तानी सैनिकों को पीछे धकेल दिया। अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के दो मिलिट्री बेस और 19 पोस्टों पर कब्जा कर लिया, जबकि चार पोस्टों से पाकिस्तानी सैनिकों को खदेड़ दिया।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगान तालिबान के खिलाफ खुली जंग की घोषणा की और कहा कि देश का धीरज समाप्त हो गया है। उनके इस बयान ने यह साफ कर दिया कि अफगानिस्तान-पाकिस्तान संबंधों में कितनी कड़वाहट आ चुकी है और युद्ध कितना गंभीर हो सकता है।
Pakistan’s attack on Afghanistan especially during the month of Ramadan is shameful. United States wants to remove the Taliban government from Afghanistan, and that task has been handed to Pakistan, in return for which many benefits can be offered.
These military generals drag us… — Hina Yousafzai (@xhinax) February 27, 2026
सोशल मीडिया पर इस घटना पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं आई हैं। पाकिस्तान के कुछ यूजर्स ने अपने ही आर्मी चीफ आसिम मुनीर को निशाना बनाते हुए लिखा कि तालिबान को जैसा ठीक लगे, उनके साथ वैसा ही व्यवहार किया जाए। उदाहरण के तौर पर जुहा मलिक नाम की यूजर ने ट्वीट किया: प्रिय अफगान मुजाहिदीन, कृपया आसिम मुनीर से वैसा ही निपटें जैसा आपको ठीक लगे। सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, पूरी मुस्लिम दुनिया आपको धन्यवाद देगी।
Dear Afghan Mujahideen, please deal with Asim Munir as you see fit. Not just Pakistan, the entire Muslim world will thank you for it. — Zuha Malik (@zoemalyks_chai) February 26, 2026
इसके जवाब में एक अफगान यूजर ने लिखा कि अफगान सेना और मुजाहिदीन केवल सैन्य लक्ष्यों को टार्गेट करते हैं, आम नागरिकों को नहीं।
अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हमले को शर्मनाक बताते हुए हिना यूसुफजई ने लिखा कि रमजान के महीने में यह हमला अस्वीकार्य है और अमेरिका अफगान तालिबान सरकार को हटाने के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल कर रहा है।
अफगान यूजर्स ने पाकिस्तान की इस रणनीति की आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तान वही जाल में फंस गया है, जिसे वह दशकों से दूसरों के लिए बिछाता रहा है।
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने कहा कि पाकिस्तानी विमानों ने काबुल, कंधार और पकतिया पर बमबारी की और अफगान नागरिक पूरी एकजुटता के साथ अपने देश की रक्षा करेंगे। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि हिंसा और बमबारी से समस्याओं का हल नहीं निकलेगा, बल्कि उसे शांतिपूर्ण और सम्मानजनक नीति अपनानी चाहिए।
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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी इस हमले को अनुचित करार दिया और कहा कि रमजान का महीना आत्म-संयम और इस्लामी एकता को मजबूत करने का समय है। उन्होंने अफगानिस्तान और पाकिस्तान से विवादों को बातचीत और अच्छे पड़ोसी के तौर पर सुलझाने का आग्रह किया और ईरान की तरफ से मध्यस्थता की पेशकश की।