
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (सोर्स-सोशल मीडिया)
Canada India bilateral trade relations: कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आगामी मार्च महीने के पहले सप्ताह में भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ सकते हैं जिससे रिश्तों में सुधार की उम्मीद है। कनाडा भारत द्विपक्षीय व्यापार संबंध को मजबूत करने के उद्देश्य से होने वाले इस दौरे में ऊर्जा, परमाणु सहयोग और तकनीक जैसे अहम क्षेत्रों पर चर्चा होगी। पूर्व प्रधानमंत्री ट्रूडो के समय आई तल्खी को खत्म कर अब दोनों देश रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को एक नई दिशा देने की कोशिश में जुटे हैं। उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने इस यात्रा को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं और बताया है कि कई बड़े व्यापारिक समझौतों पर सहमति बन सकती है।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी मार्च के पहले सप्ताह में भारत का दौरा कर सकते हैं ताकि द्विपक्षीय संबंधों को फिर से पटरी पर लाया जा सके। कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश पटनायक के अनुसार इस यात्रा के दौरान ऊर्जा, खनिज और परमाणु सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समझौते होंगे। पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में आई कड़वाहट के बाद अब कार्नी दोनों देशों के बीच संतुलन बनाने की कोशिशों में जुटे हैं।
इस यात्रा का सबसे प्रमुख हिस्सा 2.8 अरब कनाडाई डॉलर का 10-वर्षीय यूरेनियम आपूर्ति समझौता हो सकता है जो भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी अहम है। इसके अलावा तेल और गैस क्षेत्र में भी द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर होने की प्रबल संभावना है जिससे दोनों देशों का व्यापारिक रिश्ता मजबूत होगा। भारत के उच्चायुक्त ने रॉयटर्स से बातचीत में इस संभावित पैकेज और भविष्य की आर्थिक योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है।
परमाणु सहयोग के साथ-साथ दोनों देश उभरती हुई तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में भी हाथ मिलाने के लिए तैयार दिख रहे हैं। शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भी नए समझौतों का मसौदा तैयार किया जा रहा है ताकि युवाओं के लिए बेहतर अवसर पैदा हों। तकनीकी सहयोग का यह नया दौर दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को डिजिटल युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए और अधिक सक्षम बनाएगा।
भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को लेकर औपचारिक वार्ता भी कार्नी के दौरे के साथ मार्च में शुरू होने की उम्मीद है। उच्चायुक्त दिनेश पटनायक के मुताबिक एक बार बातचीत शुरू होने के बाद अगले एक साल के भीतर इस महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है। यह समझौता दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के मुक्त प्रवाह को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बहुत ही निर्णायक कदम साबित होगा।
कनाडा के ऊर्जा मंत्री टिम हॉजसन इस समय भारत की यात्रा पर हैं और उन्होंने परमाणु समझौते को लेकर सकारात्मक चर्चा होने की संभावना जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परमाणु सहयोग तभी संभव होगा जब अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन किया जाए और नियमों की अनदेखी न हो। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच तकनीकी बारीकियों पर बातचीत चल रही है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की सुरक्षा चिंताओं को दूर किया जा सके।
यह भी पढ़ें: भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक: 22 देशों के साथ रणनीतिक संबंधों पर होगी चर्चा
मार्क कार्नी का यह भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया में व्यापारिक अनिश्चितता का माहौल है और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियां दबाव बढ़ा रही हैं। ट्रंप ने कनाडा को चीन के साथ समझौता करने की स्थिति में सौ फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी है जिससे कनाडा को नए सहयोगियों की जरूरत है। भारत जैसे स्थिर बाजार के साथ जुड़कर कनाडा अपनी आर्थिक स्थिति को सुरक्षित करने और वैश्विक राजनीति में संतुलन बनाने का प्रयास कर रहा है।
Ans: प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के इस साल मार्च के पहले हफ्ते में भारत दौरे पर आने की प्रबल संभावना है।
Ans: दोनों देशों के बीच करीब 2.8 अरब कनाडाई डॉलर का 10-वर्षीय यूरेनियम आपूर्ति समझौता इस यात्रा के पैकेज का हिस्सा हो सकता है।
Ans: भारत और कनाडा के बीच CEPA को लेकर औपचारिक वार्ता मार्च में शुरू हो सकती है और इसे एक साल के भीतर अंतिम रूप दिया जा सकता है।
Ans: ऊर्जा के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय समझौते हो सकते हैं।
Ans: कनाडा के ऊर्जा मंत्री टिम हॉजसन इस हफ्ते भारत की यात्रा पर हैं और परमाणु सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।






