चक्रवात हैरी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Cyclone Harry News In Hindi: पिछले एक सप्ताह से भूमध्य सागर में सक्रिय चक्रवात ‘हैरी’ प्रवासियों के लिए एक भयावह संकट बनकर सामने आया है। इस चक्रवात के कारण समुद्र में तेज हवाएं, ऊंची-ऊंची लहरें और खराब मौसम की स्थिति बनी हुई है, जिससे समुद्री यात्रा बेहद खतरनाक हो गई है। खासतौर पर अवैध रूप से यूरोप पहुंचने की कोशिश कर रहे प्रवासियों के लिए यह मौसम किसी काल से कम नहीं साबित हुआ।
इतालवी कोस्टगार्ड के अनुसार, दक्षिणी इटली और माल्टा के आसपास के समुद्री इलाकों में उठी प्रचंड लहरों के बीच अब तक करीब 380 लोगों के समुद्र में डूब जाने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं लेकिन खराब मौसम के चलते बचाव दलों को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
माल्टा के अधिकारियों ने एक बड़ी समुद्री दुर्घटना की पुष्टि की है जिसमें कम से कम 50 लोगों की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि यह नाव अत्यधिक खराब मौसम में संतुलन खो बैठी और पलट गई जिसके बाद उस पर सवार अधिकांश लोग समुद्र में गिर गए।
इस दर्दनाक हादसे में केवल एक व्यक्ति ही जीवित बच पाया। वह करीब 24 घंटे तक नाव के टूटे हुए मलबे के सहारे समुद्र की ऊंची लहरों और तेज हवाओं से जूझता रहा। आखिरकार एक गुजरते हुए मालवाहक जहाज ने उसे देखा और समय रहते बचा लिया।
मानवीय त्रासदी की एक और दर्दनाक खबर में, गिनी की रहने वाली एक साल की जुड़वां बच्चियां सिसिली के लैम्पेडुसा द्वीप के पास नाव पलटने से समुद्र में समा गईं। अधिकारियों के मुताबिक, मानव तस्करों ने खतरनाक मौसम के बावजूद ट्यूनीशिया के स्फ़ैक्स शहर से पिछले 10 दिनों में कम से कम आठ नौकाएं समुद्र में उतारी थीं जो अब लापता हैं। कोस्टगार्ड इन नावों की तलाश में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहा है, लेकिन चक्रवात ‘हैरी’ द्वारा पैदा की गई स्थितियां खोज कार्य में बड़ी बाधा बन रही हैं।
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भूमध्य सागर का यह रास्ता प्रवासियों के लिए दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, 2014 से अब तक इस रास्ते पर 25,600 से अधिक मौतें या लापता होने के मामले दर्ज किए गए हैं।
वर्तमान में इटली सरकार द्वारा गैर-सरकारी (NGO) बचाव जहाजों पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों और जुर्मानों के कारण समुद्र में बचाव जहाजों की संख्या कम हो गई है। सरकार के इन सख्त कदमों के बावजूद, उत्तरी अफ्रीका से यूरोप में शरण लेने की उम्मीद में लोग अभी भी अपनी जान जोखिम में डालकर यह खतरनाक यात्रा कर रहे हैं।