
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज (सोर्स-सोशल मीडिया)
Germany Independence From US Support: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने नए साल 2026 के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए वैश्विक राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत दिया है। उन्होंने दुनिया की वर्तमान स्थिति को एक “युगांतकारी बदलाव” का दौर बताया, जहां पुराने सुरक्षा गठबंधन अब पहले जैसे भरोसेमंद नहीं रहे। चांसलर ने स्पष्ट किया कि यूरोप को अब अपनी रक्षा और आर्थिक हितों के लिए किसी महाशक्ति के भरोसे रहने के बजाय आत्मनिर्भर बनना होगा। अमेरिका के साथ बदलते संबंधों के बीच जर्मनी का यह रुख अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहा है।
चांसलर मर्ज ने कहा कि अमेरिका के साथ साझेदारी लंबे समय तक सुरक्षा की गारंटी रही है, लेकिन अब स्थितियां बदल चुकी हैं। अमेरिकी नीतियों में “अमेरिका फर्स्ट” के प्रभाव को देखते हुए यूरोप के लिए अपनी जिम्मेदारी खुद उठाना अनिवार्य हो गया है। अब समय आ गया है कि यूरोपीय देश एकजुट होकर अपने साझा हितों की रक्षा करें।
दीर्घकालिक शांति सुनिश्चित करने के लिए जर्मनी अपनी प्रतिरोधक और रक्षा क्षमताओं को पहले से कहीं अधिक मजबूत करने पर काम करेगा। चांसलर के अनुसार, यूरोप को किसी भी बाहरी खतरे से निपटने के लिए अपनी सैन्य ताकत पर ध्यान देना होगा। जर्मनी अब सुरक्षा नीति के मामले में अमेरिका पर अपनी निर्भरता को धीरे-धीरे कम करना चाहता है।
फरवरी 2025 के चुनावों के बाद बनी नई सरकार जर्मनी की खोई हुई आर्थिक ताकत को वापस लाने के लिए कड़े कदम उठाएगी। अनावश्यक सरकारी बाधाओं और लालफीताशाही को कम करके तकनीकी नवाचार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाएगा। चांसलर का मानना है कि मजबूत अर्थव्यवस्था ही जर्मनी को वैश्विक मंच पर एक निर्णायक शक्ति बनाएगी।
मर्ज ने अमेरिका की नई राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के कई हिस्सों को यूरोप के लिए पूरी तरह से “अस्वीकार्य” करार दिया है। उन्होंने कहा कि यूरोप में लोकतंत्र बचाने के लिए अमेरिका की सलाह की जरूरत नहीं है, यूरोपीय देश इसे स्वयं करने में सक्षम हैं। “अमेरिका फर्स्ट” समझ में आता है, लेकिन “अमेरिका अकेला” होना खुद अमेरिका के हित में नहीं है।
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चांसलर ने जोर देकर कहा कि वर्ष 2026 जर्मनी और पूरे यूरोप के भविष्य के लिए एक नई दिशा तय करने वाला साबित होगा। यह वह साल हो सकता है जब यूरोप नई ताकत के साथ शांति, स्वतंत्रता और समृद्धि के पुराने रास्ते से दोबारा जुड़ेगा। हम अब किसी की दया पर निर्भर रहने के बजाय खुद अपना भाग्य लिखेंगे।






