अमेरिका के पड़ोसी देश में भड़के Gen-Z...राष्ट्रपति के घर पर किया हमला, सामने आया हिंसा का VIDEO

Mexico Protest News: मेक्सिको में जेन जेड युवाओं ने मेयर की हत्या और बढ़ती कार्टल हिंसा के विरोध में नेशनल पैलेस पर धावा बोला, सुरक्षा संकट और सरकारी नाकामी पर आक्रोश भड़का।
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मेक्सिको में जेन जेड प्रदर्शन (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Mexico Gen Z Protests: मेक्सिको में शनिवार को हजारों जेन जेड युवाओं ने अपराध, भ्रष्टाचार, हिंसा और सुरक्षा की कमी के खिलाफ सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध तब उग्र हुआ जब 1 नवंबर को पश्चिमी राज्य मिचोआकेन के उरुअपन शहर के मेयर कार्लोस मंजो की एक सार्वजनिक कार्यक्रम में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए और युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा।

राजधानी मेक्सिको सिटी में गुस्से से भरे प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास नेशनल पैलेस के पास लगी सुरक्षा दीवारों को गिरा दिया। कई युवाओं ने पुलिस पर पत्थर, पटाखे, लाठियां, हथौड़े और जंजीरों से हमला किया। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और भीड़ को पीछे हटाने की कोशिश की। राजधानी के सुरक्षा सचिव पाब्लो वाजक्वेज के अनुसार, झड़पों में 120 लोग घायल हुए, जिनमें 100 पुलिसकर्मी शामिल हैं।

20 से अधिक प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

पुलिस ने लगभग 20 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करते हुए देखा गया, जिससे मनमानी गिरफ्तारी और हिंसा के आरोप भी बढ़े। जेन जेड, यानी 1990 के दशक के अंत से 2010 की शुरुआत तक जन्मी पीढ़ी, दुनिया भर में असमानता और भ्रष्टाचार के विरोध का चेहरा बन चुकी है। नेपाल में सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ हुए जेन जेड आंदोलन ने वहां की सरकार को हिला दिया था।

मेक्सिको में भी यही पीढ़ी बढ़ती कार्टल हिंसा, भ्रष्ट प्रशासन और अपराधियों को मिल रही कथित छूट से बेहद नाराज है। प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा सरकार को ‘नार्को-स्टेट’ कहकर उसके खिलाफ नारों से राजधानी की सड़कों को भर दिया।

प्रदर्शन में हर वर्ग के लोग शामिल

इस आंदोलन में सिर्फ युवा नहीं, बल्कि सभी आयु वर्ग के लोग शामिल हुए। पूर्व राष्ट्रपति विसेंट फॉक्स और अरबपति रिकार्डो सेलिनास प्लीगो ने भी सोशल मीडिया पर इस विरोध को समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाउम से इस्तीफे की मांग की।

‘वन पीस’ एनीमे से प्रेरित समुद्री डाकू के झंडे इस आंदोलन का प्रतीक बन गए। 29 वर्षीय प्रदर्शनकारी एंड्रेस मासा के शब्दों में, हमें सुरक्षा चाहिए, देश टूट रहा है। राजधानी से शुरू हुआ यह आंदोलन अब अन्य शहरों में भी फैल रहा है, जहां युवा कार्टल हिंसा और शासन की विफलता के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं।

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