‘ये युद्ध इजरायल का लेकिन कीमत सिर्फ…’, राष्ट्रपति एर्दोगन ने दुनिया को चेताया, कहा- खतरे में पूरी मानवता
Iran Israel US War: तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने ईरान-इजरायल युद्ध पर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इस जंग की भारी कीमत मुस्लिम समाज और मानवता चुका रही है।
- Written By: अमन उपाध्याय
रेसेप तैयप एर्दोगन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Erdogan Statement Israel Iran War: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस बीच, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने एक बड़ा बयान देते हुए युद्ध के मानवीय और धार्मिक पहलुओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एर्दोगन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हालांकि यह युद्ध इजरायल द्वारा शुरू किया गया है और उसी का है लेकिन इसकी सबसे भारी कीमत दुनिया भर के मुसलमान और समग्र मानवता को चुकानी पड़ रही है।
आंसुओं में कोई फर्क नहीं
राष्ट्रपति एर्दोगन ने मध्य पूर्व के विभिन्न शहरों के हालातों की तुलना करते हुए एक भावुक अपील की। उन्होंने सवाल किया कि ईरान के इस्फहान, तब्रीज और तेहरान में बहाए जा रहे आंसुओं और अम्मान, बगदाद, बेरूत, सना, दोहा या रियाद जैसे शहरों में बहने वाले आंसुओं में क्या अंतर है?।
उन्होंने जोर देकर कहा कि हमलावरों की नजर में इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि पीड़ित का नाम अली है, उमर है, आयशा है या हसन। उनके अनुसार, यह हमला किसी एक व्यक्ति या नाम पर नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की शांति और भाईचारे पर है।
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लेबनान पर कब्जे की का आरोप
एर्दोगन ने इजरायल की नेतन्याहू सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका निशाना केवल ईरान नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इजरायल एक बड़ी रणनीतिक योजना के तहत लेबनान पर चरणबद्ध तरीके से कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। एर्दोगन के मुताबिक, इजरायल की यह विस्तारवादी नीति पूरे क्षेत्र को अस्थिर करने का काम कर रही है और मानवता के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है।
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता गतिरोध
क्षेत्र में जमीनी हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। गुरुवार को भी ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच गतिरोध बरकरार रहा और दोनों पक्षों ने अपने रुख और कड़े कर लिए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, हजारों अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक मिडिल ईस्ट के करीब पहुंच चुके हैं जबकि तेहरान ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। इजरायल में भी दिन भर युद्ध के सायरन बजते रहे जो ईरान की ओर से आ रही मिसाइलों की बौछार का संकेत दे रहे थे। इसके जवाब में ईरान की राजधानी तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों में भारी हवाई हमले किए गए हैं।
युद्ध के बाद की वास्तविकता और भाईचारा
एर्दोगन ने युद्ध की विभीषिका के बीच भविष्य की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब बमों और मिसाइलों की गूंज शांत हो जाएगी और धूल के बादल छंट जाएंगे तो इस क्षेत्र के लोग एक बार फिर पड़ोसी और भाई के रूप में एक-दूसरे के सामने होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी को भी इस शाश्वत सत्य को नहीं भूलना चाहिए कि युद्ध खत्म होने के बाद भी हमें इसी धरती पर एक साथ रहना है।
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वर्तमान में अमेरिका के लक्ष्य भी स्पष्ट और महत्वाकांक्षी नजर आ रहे हैं जिसमें ईरान के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों को निष्क्रिय करना और क्षेत्र में सशस्त्र समूहों के लिए तेहरान के समर्थन को समाप्त करना शामिल है।
