इमैनुएल मैक्रों, मसूद पेजेशकियान (सोर्स- सोशल मीडिया)
Macron Talks Pezeshkian: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात की। इस दौरान मैक्रों ने ईरान से मिडिल ईस्ट युद्ध रोकने और शांति व्यवस्था स्थापित करने की अपील की। फांसीसी राष्ट्रपति ने यह चर्चा तब कि जब मध्य पूर्व में क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहा है और ईरान व उसके सहयोगी समूहों पर कई देशों पर हमलों का आरोप है।
मैक्रों ने अपनी बातचीत के बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उन्होंने पेजेशकियान से तत्काल हमलों को रोकने का आग्रह किया, जिनमें लेबनान और इराक भी शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्रांस पूरी तरह रक्षात्मक स्थिति में है और अपने हितों, क्षेत्रीय साझेदारों और नौवहन की स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। फ्रांस को निशाना बनाना “बिलकुल अस्वीकार्य” है।
बातचीत ऐसे समय हुई जब तनाव और बढ़ गया है। हाल ही में ईरान-समर्थित ड्रोन हमलों में इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हुई, जो मध्य पूर्व में पहली बार मारे गए फ्रांसीसी सैनिकों में शामिल है। इमैनुएल मैक्रों ने इस घटना का हवाला देते हुए ईरान को चेतावनी दी कि फ्रांस के हितों पर हमला असहनीय है।
I have just spoken with Iranian President Massoud Pezeshkian. I called on him to put an immediate end to the unacceptable attacks Iran is carrying out against countries in the region, whether directly or through proxies, including in Lebanon and Iraq. I reminded him that France… — Emmanuel Macron (@EmmanuelMacron) March 15, 2026
मैक्रों ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए एक नए राजनीतिक और सुरक्षा ढांचे की आवश्यकता पर जोर दिया। इसमें शामिल है:
बातचीत में ईरानी हिरासत में फ्रांसीसी नागरिक सीसिल कोहलर और जाक पेरिस का भी जिक्र हुआ, और मैक्रों ने उनसे उन्हें सुरक्षित फ्रांस लौटाने का आग्रह किया।
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फ्रांस की स्पष्ट नीति है कि वह क्षेत्रीय स्थिरता चाहता है, लेकिन ईरान की गतिविधियों को गंभीर खतरा मानता है। ईरानी मीडिया ने पुष्टि की है कि दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की, हालांकि ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी नहीं आई है। फ्रांस को अमेरिका का करीबी सहयोगी माना जाता है, लेकिन ईरान के खिलाफ हालिया संघर्ष में फ्रांस ने अभी तक दूरी बनाई रखी है। इसके पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मैक्रों के विरोध में दिए गए बयानों को भी एक वजह माना जा रहा है।