कांगो में इबोला से 82 लोगों की मौत; युगांडा तक फैला वायरस, क्या अफ्रीका में मचेगी तबाही?
Ebola Outbreak Congo: डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला वायरस तेजी से फैल रहा है, जिससे अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है। संक्रमण अब पड़ोसी देश युगांडा तक भी पहुंच गया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
कांगो में इबोला का कहर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Ebola Outbreak Congo Deaths News: अफ्रीकी महाद्वीप एक बार फिर इबोला वायरस के भीषण प्रकोप की चपेट में है। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला संक्रमण के मामले बिजली की गति से बढ़ रहे हैं, जिसने वैश्विक स्वास्थ्य संगठनों की चिंता बढ़ा दी है।
आंकड़ों के अनुसार, कांगो में इबोला से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या अब 452 तक पहुंच गई है, जिनमें से 82 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रकोप ‘बुंडिबुग्यो’ स्ट्रेन के कारण फैल रहा है, जो तेजी से कम्युनिटी ट्रांसमिशन का संकेत दे रहा है।
संक्रमण के बढ़ते आंकड़े
कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, 4 जून को इतुरी और नॉर्थ किवु प्रांतों में संक्रमण की स्थिति सबसे भयावह देखी गई। महज एक दिन में 71 नए मामलों की पुष्टि हुई, जिनमें 21 लोगों की मौत की खबर सामने आई।
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वर्तमान में, लगभग 258 मरीज विभिन्न अस्पतालों या आइसोलेशन केंद्रों में कड़ी निगरानी में हैं, जबकि केवल आठ लोग ही अब तक पूरी तरह स्वस्थ हो पाए हैं। अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय वे 2,011 लोग हैं जिन्हें निगरानी में रखा जाना था लेकिन उन तक अभी तक पहुंच नहीं बनाई जा सकी है।
कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में भारी कमी
इबोला के खिलाफ इस जंग में कांगो को कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में भारी कमी देखी गई है। कुल 4,766 लोगों की निगरानी का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन केवल 57.8 प्रतिशत लोगों का ही फॉलो-अप हो पाया है। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान स्वैब लेने का विरोध, दवाओं की कमी, और नॉर्थ किवु में सुरक्षा उपकरणों (PPE) के अभाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इस संकट से निपटने के लिए फिलहाल 21.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की फंडिंग की तत्काल आवश्यकता है।
पड़ोसी देश युगांडा में भी दी दस्तक
इबोला का खतरा अब केवल कांगो तक सीमित नहीं रहा है। युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को पुष्टि की कि वहां इबोला के तीन नए मामले सामने आए हैं, जिससे देश में कुल संक्रमितों की संख्या 19 हो गई है। संक्रमण के इस विस्तार को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने पूरे महाद्वीप के लिए एक व्यापक ‘रिस्पॉन्स प्लान’ तैयार किया है। इस योजना के तहत जून से नवंबर के बीच विभिन्न अफ्रीकी देशों की मदद के लिए 518 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्यकर्मियों पर मंडराता खतरा
इबोला के खिलाफ अग्रिम पंक्ति पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी सबसे अधिक जोखिम में हैं। अब तक कुल 34 स्वास्थ्यकर्मी इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं, जिनमें से सात की मौत हो गई है।
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कमजोर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के साथ-साथ लोगों की अधिक आवाजाही, असुरक्षा, विस्थापन और समुदायों में व्याप्त गलत जानकारी व अविश्वास ने इस लड़ाई को और कठिन बना दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के लिए सटीक मेडिकल उपाय और जनता का सहयोग नहीं मिलता, तब तक इस महामारी पर लगाम लगाना चुनौतीपूर्ण होगा।
