

Maharashtra ESIC Hospitals: राज्य के प्रत्येक कामगार को उसके अधिकार की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों, इसके लिए कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों की सेवाएं अंतिम कामगार तक पहुंचनी चाहिए। यह निर्देश कामगार मंत्री एड.आकाश फुंडकर ने मंत्रालय में आयोजित बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में बढ़ती बीमा धारक कामगारों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और जनजागृति आवश्यक है। बैठक में सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर, कामगार आयुक्त एच।पी। तुम्मोड, कर्मचारी राज्य बीमा महामंडल की प्रादेशिक संचालक अभिलाषा झा, उपसचिव रोशनी कदम तथा भारतीय मज़दूर संघ के अनिल डोमणे उपस्थित थे।
कामगार मंत्री ने बताया कि केंद्रीय कामगार विभाग के माध्यम से राज्य में कर्मचारी राज्य बीमा योजना अंतर्गत 18 नए अस्पतालों को मंजूरी दी गई है। कामगारों को मिलेंगी बेहतर सेवाएंइन अस्पतालों से कामगारों को उनके निवास स्थान या कार्य स्थल के निकट तात्कालिक उपचार उपलब्ध होगा।
साथ ही अंधेरी मुंबई, पुणे और नागपुर में नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं, जिससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और कामगारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि केवल सुविधाएं निर्माण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी जानकारी कामगारों तक पहुंचना भी जरूरी है।
प्रत्येक बीमाधारक कामगार के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर नज़दीकी अस्पताल और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी भेजी जानी चाहिए। इससे जनजागृति बढ़ेगी और आपातकालीन स्थिति में कामगारों को तुरंत मदद मिल सकेगी। वर्तमान में राज्य में लगभग 49 लाख बीमाधारक कामगार हैं।
नए कामगार कानून लागू होने के बाद यह संख्या और बढ़ेगी। इस बढ़ते वर्ग को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देने के लिए प्रशासन को अभी से तैयार रहना होगा। मंत्री आकाश फुंडकर ने स्पष्ट किया कि कामगारों के स्वास्थ्य पर कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होगा और मंजूर अस्पतालों को शीघ्र कार्यान्वित करने को प्राथमिकता दी जाएगी। इस बैठक में कामगार विभाग के वरिष्ठ सचिव, बीमा योजना के आयुक्त और संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।